शिक्षा और रोजगार
मानवता भलाई के कार्य कर मनाई महां शहीद जसविन्द्र इन्सां, महां शहीद शाम सुंदर इन्सां व भगत शहीद दीपक इन्सां की बरसी
11 जरूरतमंद परिवारों को वितरित किया राशन व पर्यावरण संरक्षण के लिए किया पौधारोपण
बठिंडा (सच कहूँ/सुखनाम)। Bathinda News: डेरा सच्चा सौदा के महां शहीद जसविन्द्र इन्सां (चक अतर सिंह वाला), महां शहीद शाम सुंदर इन्सां (बठिंडा) की 19वीं तथा भगत शहीद दीपक इन्सां (बठिंडा) की 16वीं बरसी के अवसर पर ब्लॉक बठिंडा व चुघ्घे कलां की साध-संगत ने एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्र, मलोट रोड, बठिंडा में नाम चर्चा आयोजित कर श्रद्धापूर्वक शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नामचर्चा के उपरांत शहीदों के पारिवारिक सदस्यों ने 11 जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित किया व पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से पौधे भी लगाए।
इस दौरान बड़ी संख्या में पहुँची साध-संगत ने कविराजों द्वारा प्रस्तुत शब्दवाणी को श्रद्धापूर्वक सुना तथा पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन अनमोल वचनों की रिकॉर्डिड वीडियो भी दिखाई गई, जिसे साध-संगत ने एकाग्रचित्त होकर सुना। इस अवसर पर महां शहीद जसविन्द्र इन्सां, महां शहीद शाम सुंदर इन्सां, भगत शहीद दीपक इन्सां तथा भगत शहीद गुरजीत इन्सां के पारिवारिक सदस्य, सच्चे नम्र सेवादार गुरमेल सिंह इन्सां, मेघ राज इन्सां, बलराज इन्सां, गुरप्रीत इन्सां, सेवक सिंह इन्सां, स्टेट सदस्य एमएसजी आईटी विंग ईशांत इन्सां, ब्लॉक प्रेमी सेवक चुघ्घे कलां अंग्रेज सिंह इन्सां, वरिष्ठ अधिवक्ता केवल बराड़ इन्सां, ब्लॉक बठिंडा एवं चुघ्घे कलां सहित जिला बठिंडा के विभिन्न ब्लॉकों, गाँवों व क्षेत्रों की सच्ची सीनियर प्रेमी समिति, सच्ची प्रेमी समिति, विभिन्न समितियों के जिम्मेदार सदस्य, सेवादार तथा बड़ी संख्या में साध-संगत उपस्थित रही।
नाम चर्चा की कार्यवाही ब्लॉक प्रेमी सेवक इंजीनियर गुरतेज सिंह इन्सां ने चलाई। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में कुछ असामाजिक तत्वों ने डेरा सच्चा सौदा के विरुद्ध दुष्प्रचार शुरू कर दिया था। साध-संगत पर हो रहे इन अत्याचारों को सहन न करते हुए जसविन्द्र सिंह इन्सां व शाम सुंदर इन्सां ने अपने प्राण न्योछावर कर मानवता के लिए बलिदान दिया। वहीं, सदैव सेवा कार्यों में अग्रणी रहने वाले शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सदस्य भगत शहीद दीपक इन्सां जुलाई 2010 में सेवा कार्यों के दौरान इस संसार से सदा के लिए विदा हो गए।