दक्षिण कोरिया में सफेद फॉस्फोरस रिसाव की सूचना से मचा हड़कंप, अमेरिकी सेना से संपर्क पर नहीं मिला जवाब
संपर्क नहीं कर सका प्योंगटेक
Osan Air Base White Phosphorus Leak case: सोल। दक्षिण कोरिया के प्योंगटेक शहर ने ओसान एयर बेस से जुड़े एक मामले में आपातकालीन संचार व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। शहर प्रशासन के अनुसार, पिछले महीने संभावित सफेद फॉस्फोरस रिसाव की सूचना मिलने के बाद अमेरिकी सेना से संपर्क करने के लिए तीन बार हॉटलाइन पर कॉल की गई, लेकिन शुरुआती प्रयासों के दौरान कोई जवाब नहीं मिला। South Korea News
यह मामला 28 जुलाई का है, जब ओसान एयर बेस पर तैनात अमेरिकी वायुसेना की 51वीं फाइटर विंग ने नियमित निरीक्षण के दौरान एक गोला-बारूद कंटेनर में सफेद फॉस्फोरस के अवशेष होने की संभावना जताई थी। सूचना मिलने के बाद प्योंगटेक प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों के लिए निकासी चेतावनी जारी कर दी।
तीन बार संपर्क की कोशिश, नहीं मिला जवाब
प्योंगटेक के अधिकारियों के मुताबिक, संभावित खतरे की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अमेरिकी सैन्य इकाई से फोन पर तीन बार संपर्क किया गया। हालांकि, इन कॉल का तत्काल जवाब नहीं मिला। सफेद फॉस्फोरस की खतरनाक प्रकृति को देखते हुए स्थानीय दमकल अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी। इसके बाद प्रशासन ने संभावित जोखिम वाले क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी कर दी।
स्थल पर जांच शुरू होने के करीब आधे घंटे के भीतर अधिकारियों को पता चला कि तत्काल किसी बड़े खतरे के संकेत नहीं हैं। इसके बाद निकासी संबंधी चेतावनी वापस ले ली गई। बाद में अमेरिकी वायुसेना की 51वीं फाइटर विंग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस पदार्थ को लेकर आशंका जताई गई थी, वह सफेद फॉस्फोरस नहीं था। जांच में भी इस खतरनाक रसायन के किसी अंश की पुष्टि नहीं हुई। अमेरिकी पक्ष ने इसे लंबे समय तक पर्यावरण के संपर्क में रहने के कारण हुई सामान्य सतही क्षरण की स्थिति बताया। South Korea News
पहली सफल बातचीत चेतावनी हटने से पहले हुई
शहर के एक अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना से पहली बार सफलतापूर्वक शाम करीब 5:51 बजे बातचीत हो सकी। यह समय निकासी चेतावनी वापस लिए जाने से लगभग 20 मिनट पहले का बताया गया है। हॉटलाइन पर शुरुआती कॉल का जवाब क्यों नहीं मिला, इस पर अमेरिकी सैन्य इकाई ने कोई सीधा स्पष्टीकरण नहीं दिया। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने भविष्य में स्थानीय प्रशासन के साथ सूचना साझा करने और आपातकालीन समन्वय को बेहतर बनाने की बात कही है।
घटना के बाद 51वीं फाइटर विंग के कमांडर कर्नल रयान ले ने प्योंगटेक के मेयर से सीधे बातचीत कर मामले की जानकारी साझा की। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना उस सैन्य पुलिस दुभाषिए की भूमिका की भी समीक्षा कर रही है, जिसने स्थानीय पुलिस को संभावित सफेद फॉस्फोरस रिसाव के बारे में सूचना दी थी। पूरे घटनाक्रम ने दोनों पक्षों के बीच आपातकालीन सूचना साझा करने की प्रक्रिया और संचार व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। South Korea News