Share Market News: शेयर मार्किट में अब आएगा भारी उछाल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कर दिया बड़ा ऐलान

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Share Market News: वाशिंगटन (एजेंसी) अमेरिकी व्यापार भागीदारों पर ‘पारस्परिक टैरिफ’ लगाने की 2 अप्रैल की समयसीमा करीब आने के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वह टैरिफ पर कई देशों को छूट दे सकते हैं। ट्रम्प ने सोमवार दोपहर व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘मैं कई देशों को छूट दे सकता हूँ, लेकिन यह पारस्परिक है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) ने ट्रम्प प्रशासन के साथ एक समझौते के तहत कार टैरिफ को 2.5 प्रतिशत तक कम करने पर सहमति व्यक्त की है। Share Market News

ट्रम्प ने आगे कहा, ‘हम अगले कुछ दिनों में कुछ अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा करेंगे, जो आॅटोमोबाइल, कारों और सड़क के किनारे लकड़ी, लकड़ी और चिप्स से संबंधित होंगे। ट्रम्प ने कहा, ’लेकिन अधिकांशत: 2 अप्रैल एक बड़ा दिन होगा, वह पारस्परिक दिन होगा, और हम उस धन में से कुछ धन वापस लाएंगे जो हमसे छीन लिया गया है। वहीं अगर टैरिफ पर छूट मिलती है तो शेयर में में फिर से उछाल आ सकता है। विश्व बाजार की तेजी के बीच स्थानीय स्तर पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) का निवेश बढ़ने से आज शेयर बाजार में उछाल देखा गया है। Share Market News

आरबीआई ने प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के लिए संशोधित दिशानिर्देश किया जारी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हितधारकों से मिले फीडबैक के आधार पर मौजूदा प्रावधानों की व्यापक समीक्षा के बाद प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) के लिए संशोधित दिशानिर्देश आज जारी किए। आरबीआई ने बताया कि ये नए नियम 01 अप्रैल, 2025 से लागू होंगे। यह दिशानिर्देश अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को ऋण उपलब्धता बढ़ाने पर केंद्रित हैं। इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं। इसमें पीएसएल के तहत आवास ऋण सहित विभिन्न ऋणों की सीमाओं में वृद्धि की गई है। साथ ही ‘नवीकरणीय ऊर्जा’ के लिए पात्र उद्देश्यों का दायरा बढ़ाया गया है।

केंद्रीय बैंक ने बताया कि शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए समग्र पीएसएल लक्ष्य को समायोजित नेट बैंक ऋण (एएनबीसी) या आॅफ-बैलेंस शीट एक्सपोजर के समतुल्य ऋण (सीईओबीएसई) के 60 प्रतिशत तक, जो भी अधिक हो, संशोधित किया गया है। इसके अलावा यूसीबी द्वारा व्यक्तिगत महिला लाभार्थियों को दिए जाने वाले ऋणों पर मौजूदा सीमा हटा दी गई है और ‘कमजोर वर्ग’ के तहत पात्र उधारकतार्ओं की सूची का विस्तार किया गया है।

आरबीआई का मानना है कि इन संशोधनों से अर्थव्यवस्था के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे कृषि, एमएसएमई, आवास और नवीकरणीय ऊर्जा को बैंक ऋण का बेहतर और लक्षित आवंटन सुनिश्चित होगा। इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और कमजोर तबकों तक संसाधन पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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