Ali Khamenei Funeral: अली खामेनेई को अंतिम विदाई, गालिबाफ की आंखें हुईं नम, तेहरान से मशहद तक 6 दिन चलेगा अंतिम संस्कार

अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में शुरू, देशभर में शोक का माहौल

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तेहरान। Ali Khamenei Funeral:  ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए पूरे देश में शोक का माहौल है। राजधानी तेहरान में आयोजित विदाई समारोह के दौरान ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भावुक नजर आए। प्रार्थना के दौरान उनकी आंखों में आंसू दिखाई दिए, जबकि विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी श्रद्धांजलि देने के लिए मौजूद रहे।

तेहरान में शुरू हुई अंतिम विदाई की रस्में

शुक्रवार को खामेनेई का ताबूत तेहरान के ग्रैंड मोसाल्ला धार्मिक परिसर में लाया गया। ताबूत को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के राष्ट्रीय रंगों वाले ध्वज से ढका गया था। श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोग मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर में मातम का माहौल देखने को मिला।

करीब 36 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई के निधन के बाद देशभर में छह दिनों तक अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।

गालिबाफ ने लोगों से की बड़ी अपील

विदाई सभा के दौरान स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने लोगों से अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की एकजुटता और श्रद्धांजलि की आवाज पूरी दुनिया तक पहुंचनी चाहिए। अधिकारियों के अनुसार, अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में 1.5 से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इसे देखते हुए राजधानी तेहरान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

अमेरिका-इजरायल हमले में हुई थी मौत

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के दौरान हुई थी। बताया गया कि इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे। इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तनाव और सैन्य संघर्ष काफी बढ़ गया।

तेहरान, कोम और मशहद में निकलेगा अंतिम यात्रा जुलूस

अंतिम संस्कार कार्यक्रम के तहत सोमवार को तेहरान की सड़कों पर अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद पवित्र शहर कोम में भी श्रद्धांजलि जुलूस आयोजित होगा। कोम शिया इस्लामिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

9 जुलाई को अंतिम यात्रा मशहद पहुंचेगी, जो अली खामेनेई का गृहनगर है। वहीं उन्हें इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस अवसर पर इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी विशेष श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाएगा।

पूरे क्षेत्र की नजर अंतिम संस्कार पर

अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की नजर इन कार्यक्रमों पर टिकी हुई है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और क्षेत्रीय तनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

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