पूज्य गुरु जी सभी धर्मों और संत-महापुरुषों का सम्मान करते हैं: डेरा प्रवक्ता

Published On

चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के खिलाफ जालंधर के पतारा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर को रद्द करवाने बारे माननीय पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय में पिटिशन दाखिल की गई जिस पर संज्ञान लेते हुए बुधवार को माननीय उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 30 मई 2023 को होगी।

यह भी पढ़ें:– रमदासिया भाईचारे ने पूज्य गुरु जी पर लगाए आरोपों को नकारा

याचिका में कहा गया है कि पूज्य गुरु जी ने 28 फरवरी 2016 को सत्संग के दौरान संत कबीर जी व संत रविदास जी से संबंधित एक साखी सुनाई थी। यह साखी इतिहास की कई विश्वसनीय धार्मिक पुस्तकों में दर्ज है। आज तक किसी ने भी इन धार्मिक पुस्तकों पर कोई आपत्ति नहीं की। शिकायतकर्ता ने जानबूझकर साखी के एक संक्षिप्त हिस्से को एफआईआर का आधार बनाकर पुलिस प्रशासन को भी गुमराह किया है। जबकि साखी में महान संत कबीर जी और संत रविदास जी की महिमा बताई गई है।

डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता एडवोकेट जितेंद्र खुराना इन्सां और संदीप कौर इन्सां ने प्रैस को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि डेरा सच्चा सौदा एवं पूज्य गुरु संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा सभी धर्मों, महापुरुषों, गुरु, पीर, फकीरों का आदर सम्मान किया गया है। महान संत कबीर जी और पूज्य संत गुरु रविदास जी का सम्मान पूज्य गुरु जी एवं डेरा सच्चा सौदा द्वारा किया जाता रहा है और रहती दुनिया तक किया जाता रहेगा। एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत समाज में नफरत फैलाने के उद्देश्य से ही पूज्य गुरु जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हमें माननीय उच्च न्यायालय पर पूरा विश्वास है कि हमें अवश्य न्याय मिलेगा।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts