Bone Density: हड्डियां कमजोर होने का बढ़ रहा खतरा, इन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत; जानें बोन डेंसिटी बढ़ाने के तरीके

Bone Density: हड्डियां कमजोर होने का बढ़ रहा खतरा, इन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत; जानें बोन डेंसिटी बढ़ाने के तरीके

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Bone Density: हड्डियां हमारे शरीर को मजबूती देने के साथ चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में अहम भूमिका निभाती हैं. हड्डियों की मजबूती का एक महत्वपूर्ण पैमाना बोन डेंसिटी (Bone Density) है. इसका संबंध हड्डियों में मौजूद मिनरल की मात्रा से होता है, जिसमें मुख्य रूप से कैल्शियम और फॉस्फोरस शामिल होते हैं. उम्र बढ़ने, खराब खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बोन डेंसिटी कम हो सकती है.

बोन डेंसिटी कम होने की समस्या शुरुआत में आसानी से नजर नहीं आती. कई बार इसका पता तब चलता है जब मामूली चोट के बाद फ्रैक्चर हो जाता है. ऐसे में हड्डियों की सेहत को लेकर शुरुआत से ही सावधानी बरतना जरूरी है.

क्या होती है बोन डेंसिटी? Bone Density

बोन डेंसिटी का मतलब हड्डियों में मौजूद मिनरल की मात्रा और घनत्व से है. जब हड्डियों की डेंसिटी अच्छी होती है तो वे मजबूत रहती हैं. वहीं, डेंसिटी कम होने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है.

हड्डियों की कम डेंसिटी को आमतौर पर दो प्रमुख स्थितियों से समझा जाता है. ऑस्टियोपीनिया में बोन डेंसिटी सामान्य से कम होती है, जबकि ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियों का घनत्व काफी कम हो जाता है और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ सकता है.

उम्र बढ़ने के साथ बोन डेंसिटी में कुछ कमी आना सामान्य प्रक्रिया है. महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण भी हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी भी हड्डियों की सेहत को प्रभावित कर सकती है.

किन लोगों में हड्डियां कमजोर होने का खतरा ज्यादा?

आगरा स्थित ओम नर्सिंग होम के डॉ. पीके गुप्ता के मुताबिक, हर व्यक्ति में हड्डियों की कमजोरी के कारण अलग-अलग हो सकते हैं. बढ़ती उम्र इसके प्रमुख कारणों में से एक है. लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि कम रहने से भी हड्डियों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

जो लोग पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन डी नहीं लेते, उनमें भी बोन हेल्थ प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा स्मोकिंग और ज्यादा अल्कोहल का सेवन हड्डियों के लिए नुकसानदायक माना जाता है.

कम बॉडी वेट, परिवार में ऑस्टियोपोरोसिस या कमजोर हड्डियों का इतिहास और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी जोखिम बढ़ा सकती हैं. कुछ दवाओं के लंबे समय तक इस्तेमाल से भी बोन डेंसिटी प्रभावित हो सकती है. इसलिए लंबे समय से किसी दवा का इस्तेमाल करने वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा जारी रखनी चाहिए.

हड्डियों को मजबूत रखने के लिए क्या करें?

हड्डियों की सेहत बनाए रखने के लिए डाइट में पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी शामिल करना जरूरी है. दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स के अलावा कुछ हरी सब्जियां और अन्य कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ डाइट में शामिल किए जा सकते हैं.

विटामिन डी के लिए पर्याप्त धूप लेना मददगार हो सकता है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी या कैल्शियम सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है.

इसके साथ नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है. वॉकिंग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अन्य वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. नियमित एक्सरसाइज शरीर को एक्टिव रखने के साथ बोन हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होती है.

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर लगातार कमर या पीठ में दर्द रहता है, समय के साथ हाइट कम होती दिखाई देती है या मामूली चोट के बाद बार-बार फ्रैक्चर होता है तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. ऐसे मामलों में डॉक्टर जरूरत के अनुसार बोन डेंसिटी टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं. समय पर जांच से हड्डियों की स्थिति का पता लगाने और जरूरत के अनुसार इलाज या लाइफस्टाइल में बदलाव करने में मदद मिल सकती है.

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