Essar Group: अमेरिका में भारतीय कंपनी का बड़ा दांव, एस्सार बनाएगा 15 अरब डॉलर का स्टील प्लांट. सालाना बनेगा 1 करोड़ टन स्टील
अमेरिका में भारतीय कंपनी का बड़ा दांव, एस्सार बनाएगा 15 अरब डॉलर का स्टील प्लांट. सालाना बनेगा 1 करोड़ टन स्टील
Essar Group: भारतीय कंपनियां अब विदेशों में भी बड़े स्तर पर निवेश कर रही हैं. इसी कड़ी में एस्सार ग्रुप की अमेरिकी सब्सिडियरी मेसाबी मेटालिक्स अमेरिका में एक बड़े स्टील प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 सितंबर को व्हाइट हाउस में इस परियोजना की घोषणा की. व्हाइट हाउस के मुताबिक, आयोवा में बनने वाले इस स्टील मिल में शुरुआती चरण में सालाना 75 लाख टन स्टील का उत्पादन होगा, जिसे आगे बढ़ाकर करीब 1 करोड़ टन सालाना किया जाएगा.
इस परियोजना में करीब 15 अरब डॉलर का निवेश बताया गया है. अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, प्रोजेक्ट से आयोवा में करीब 1,750 स्थायी नौकरियां और निर्माण के दौरान 6,000 तक नौकरियां पैदा होने का अनुमान है. अगले 10 वर्षों में इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में करीब 95 अरब डॉलर का आर्थिक योगदान होने का अनुमान भी जताया गया है.
अमेरिका की खदान से निकलेगा कच्चा माल | Essar Group
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि स्टील उत्पादन के लिए जरूरी आयरन ओर अमेरिका में ही उपलब्ध कराया जाएगा. मेसाबी मेटालिक्स की मिनेसोटा स्थित खदान से आयरन ओर निकाला जाएगा और इसे अमेरिकी स्टील सप्लाई चेन में इस्तेमाल किया जाएगा.
मेसाबी मेटालिक्स की मिनेसोटा परियोजना 7 मिलियन टन सालाना तक हाई-ग्रेड डायरेक्ट रिडक्शन (DR) आयरन ओर पेलेट बनाने के लिए विकसित की जा रही है. कंपनी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट अमेरिका में करीब 50 साल बाद शुरू होने वाली नई आयरन-ओर माइन और पेलेट प्लांट परियोजना है.
अमेरिका में घरेलू स्तर पर आयरन ओर और स्टील उत्पादन बढ़ाने का मकसद सप्लाई चेन को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करना है. मेसाबी मेटालिक्स का कहना है कि उसकी DR-ग्रेड पेलेट्स का इस्तेमाल आधुनिक इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस आधारित स्टील उत्पादन में किया जा सकता है.
शुरुआत में 75 लाख टन, बाद में 1 करोड़ टन स्टील
व्हाइट हाउस के अनुसार, प्रस्तावित आयोवा मिल की शुरुआती उत्पादन क्षमता करीब 7.5 मिलियन टन यानी 75 लाख टन स्टील प्रति वर्ष होगी. इसके बाद आधुनिक तकनीक और विस्तार के जरिए क्षमता को करीब 10 मिलियन टन यानी 1 करोड़ टन सालाना तक ले जाने की योजना है.
इतनी बड़ी क्षमता के कारण यह परियोजना अमेरिकी स्टील उद्योग के लिए महत्वपूर्ण औद्योगिक निवेशों में शामिल होगी. कंपनी की मिनेसोटा आयरन-ओर परियोजना से मिलने वाला कच्चा माल इस सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा.
मेसाबी प्रोजेक्ट में पहले से हो चुका है बड़ा निवेश
मेसाबी मेटालिक्स में एस्सार ग्रुप पहले ही बड़ा निवेश कर चुका है. कंपनी के मुताबिक, मिनेसोटा में विकसित की जा रही माइन, बेनेफिशिएशन प्लांट और पेलेट प्लांट परियोजना में 2 अरब डॉलर से अधिक की इक्विटी लगाई जा चुकी है. 2026 में कंपनी ने 520 मिलियन डॉलर और 150 मिलियन डॉलर की अलग-अलग फाइनेंसिंग भी हासिल की थी.
सितंबर 2026 में कंपनी ने बताया कि उसकी मिनेसोटा आयरन-ओर माइन और पेलेट प्लांट ने स्टार्टअप शुरू कर दिया है. पूरी क्षमता पर यह परियोजना सालाना 70 लाख टन तक हाई-ग्रेड DR आयरन-ओर पेलेट का उत्पादन कर सकती है.
2030 तक स्टील उत्पादन का लक्ष्य
एस्सार की पहले की योजना में 2030 तक ग्रीन स्टील से जुड़े प्रोजेक्ट विकसित करने की बात कही गई थी. कंपनी मेसाबी परियोजना को अमेरिका में ग्रीन स्टील की दिशा में अपने बड़े निवेशों का हिस्सा मानती है.
इस तरह एस्सार ग्रुप की अमेरिका में मौजूदगी सिर्फ आयरन-ओर माइनिंग तक सीमित नहीं रहकर स्टील की पूरी सप्लाई चेन में विस्तार की दिशा में बढ़ रही है. आयरन-ओर की घरेलू उपलब्धता से अमेरिकी स्टील उत्पादन के लिए कच्चे माल की सप्लाई को मजबूत करने की योजना है.