North Korea News: नाटो पर भड़का उत्तर कोरिया, युद्ध की खुली तैयारी का लिया फैसला
NATO की नई फ्यूल सप्लाई योजना पर उत्तर कोरिया ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे युद्ध की खुली तैयारी और आक्रामक सैन्य रणनीति करार दिया
सोल (एजेंसी)। उत्तर कोरिया अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जी जान से लगा है। हाल ही में उसने कई लंबी दूरी के मिसाइलों का परीक्षण भी किया। इस बीच नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (नाटो) की ओर से कुछ ऐसा फैसला लिया गया है जिससे वो नाराज हो गया है। नाटो की हाल ही में स्वीकृत 'फ्यूल सप्लाई चेन कैपेबिलिटी प्रोग्राम प्लान' की कड़ी आलोचना करते हुए इसे युद्ध की " पूरी तैयारी" और गठबंधन के "अधिक आक्रामक सैन्य गुट" में बदलने का प्रमाण बताया। North Korea News
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए (केसीएनए) की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब नाटो ने पिछले महीने 'फ्यूल सप्लाई चेन कैपेबिलिटी प्रोग्राम प्लान को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य यूरोप में शीत युद्ध काल के सैन्य ईंधन पाइपलाइन और भंडारण नेटवर्क का आधुनिकीकरण और विस्तार करना है।
योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, यह टिप्पणी संकेत देती है कि यूक्रेन युद्ध में रूस के समर्थन के लिए अपने सैनिक भेजने वाले उत्तर कोरिया की नजर नाटो की सैन्य गतिविधियों पर लगातार बनी हुई है। दूसरी ओर, नाटो यूक्रेन को सैन्य सहायता देना जारी रखे हुए है। केसीएनए की टिप्पणी में कहा गया, "शुरुआत में सदस्य देशों के बीच भारी लागत को लेकर मतभेद थे, लेकिन अंततः उन्हें दूर कर लिया गया। North Korea News
इससे स्पष्ट होता है कि नाटो युद्ध के लिए रणनीतिक ईंधन भंडार को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए उस पर जोर दे रहा है।" उत्तर कोरिया ने यह भी दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया नाटो की इस योजना को रूस के साथ युद्ध की तैयारी के रूप में देख रहा है। केसीएनए ने आरोप लगाया कि इस पहल का वास्तविक उद्देश्य भविष्य के संघर्षों के लिए ईंधन और अन्य सैन्य सामग्री का बड़े पैमाने पर भंडारण करना है।
टिप्पणी में कहा गया, "संक्षेप में, नाटो की मंशा पर्याप्त ईंधन और अन्य युद्ध सामग्री जमा कर दुनिया के किसी भी हिस्से में कभी भी युद्ध की आग भड़काने की है। नाटो की स्थापना के बाद कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन उसने पहले कभी इतनी खुली तरह युद्ध की तैयारी नहीं की थी।" उत्तर कोरिया ने नाटो पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का भी आरोप लगाया। North Korea News
उसके अनुसार, गठबंधन "डीपीआरके (उत्तर कोरिया) के प्रति शत्रुतापूर्ण देशों के साथ मिलकर कोरियाई प्रायद्वीप के आसपास लगातार उकसावे वाले सैन्य प्रदर्शन करता है।" टिप्पणी में हाल ही में हवाई द्वीपसमूह और उसके आसपास संपन्न द्विवार्षिक रिम ऑफ द पैसिफिक (रिमपैक) सैन्य अभ्यास का भी उल्लेख किया गया, जिसमें जर्मनी, इटली सहित कई नाटो सदस्य देशों ने हिस्सा लिया था।
उत्तर कोरिया ने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि नाटो एशिया-प्रशांत क्षेत्र को भी संभावित युद्धक्षेत्र के रूप में देखता है। केसीएनए ने कहा, "युद्ध को लेकर खासा उत्साहित सैन्य गुट के रूप में नाटो का वास्तविक स्वरूप अब और अधिक स्पष्ट होता जा रहा है। युद्ध को बढ़ावा देना, नाटो के अपने पतन को तेज करना है।"North Korea News