भारत ने किया गलत आकलन: चीन
बीजिंग: चीन ने कहा है कि भारत अवैध रूप से चीनी सीमा में दाखिल हुआ है। इसके लिए भारत ने गलत आकलन (मिसकैलकुलेशन) किया है। इससे ज्यादा कुछ तो हासिल नहीं होगा लेकिन भारत को शर्मिंदगी जरूर उठानी पड़ेगी। बता दें कि 16 जून से सिक्किम सेक्टर के डोकलाम को लेकर भारत-चीन के बीच विवाद चल रहा है। चीन के मुताबिक, बातचीत तभी हो सकती है, जब भारत की सेनाएं वापस जाएं। जबकि भारत ने साफतौर पर कहा है कि दोनों देशों की सेनाओं के वापस जाने पर ही बातचीत हो सकती है।
भारत ने चीन बॉर्डर पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाई
भारत ने चीन से सटे सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के 1400 किलोमीटर लंबे साइनो-इंडिया बॉर्डर पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। सरकार के मुताबिक, देश की पूर्वी सरहद पर फौज के लिए अलर्ट लेवल बढ़ा दिया गया है। भारत का कहना है कि चीन हमारे इलाके में घुसपैठ कर रहा है। वहां भारत के 350 सैनिक जमे हुए हैं। बता दें कि डोकलाम भारत-चीन-भूटान का ट्रायजंक्शन है। ईस्टर्न इलाके के सेंसिटिव इलाके में सुकना बेस्ड 33 कॉर्प्स, अरुणाचल और आसाम बेस्ड 3-4 कॉर्प्स प्रोटेक्शन की जिम्मेदारी दी गई है। इस बारे में अफसर ने कोई जानकारी नहीं दी कि कितने सैनिक बढ़ाए गए हैं। अफसर ने ऑपरेशनल मूव होने के चलते ये जानकारी देने से इनकार कर दिया।
चीन की भारत को कब-कब धमकी?
- 10 जुलाई:चाइना डेली में आर्टिकल के जरिए। कहा गया- भारत डोकलाम से फौरन सेना हटाए।
- 24 जुलाई:चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा- बातचीत की सिर्फ एक शर्त है कि भारत बिना किसी शर्त के डोलाम से अपने सैनिक हटाए।
- 25 जुलाई:चीन के फॉरेन मिनिस्टर वांग यी ने कहा- डोकलाम का हल सिंपल है। भारत वहां से अपने सैनिक हटा ले।
- 02 अगस्त: चीन ने 15 पेज का बयान जारी कर कहा- भारत ने घुसपैठ की है। ये भूटान-चीन का मसला है। भारत वहां से ट्रूप्स हटाए।
- 03 अगस्त: भारत देर ना करे। ये समझा जाना चाहिए कि चीन के पास दुश्मन को हटाने की पूरी काबिलियत मौजूद है।
- 05 अगस्त:चीन के एक एक्सपर्ट ने कहा- भारतीय सैनिकों को हटाने के लिए 2 हफ्तों में छोटा सैन्य ऑपरेशन किया जा सकता है।
- 07 अगस्त: भारत जंग से बचना चाहता है तो उसे डोकलाम से फौरन अपने सैनिक वापस बुला लेना चाहिए।
- 08 अगस्त: भारत 1962 की जंग का सबक भूल गया है, नेहरू ने हमें कमतर आंका था, मोदी भी हमारी वॉर्निंग को नजरअंदाज ना करें।
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