Water Regulation: 25 मई से 20 जून तक आईजीएनपी में सिंचाई पानी रेगुलेशन, तीन में से एक समूह में चलेंगी नहरें

मंजूरी के लिए बीकानेर भेजा रेगुलेशन प्रस्ताव - हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर समेत 12 जिलों को राहत

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Water Regulation: हनुमानगढ़। खरीफ फसल 2026 के दौरान राजस्थान में सिंचाई पानी को लेकर रेगुलेशन तैयार किया गया है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) की नहरों को 25 मई 2026 शाम 6 बजे से 20 जून 2026 सुबह 6 बजे तक तीन में से एक समूह प्रणाली के तहत संचालित करने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए सिंचित क्षेत्र विकास आयुक्त, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, बीकानेर को भेजा गया है। यह प्रस्ताव मुख्य अभियंता, जल संसाधन (उत्तर), हनुमानगढ़ कार्यालय की ओर से भेजा गया है। Hanumangarh News

प्रस्ताव के अनुसार रावी-व्यास प्रणाली से मई-जून 2026 के दौरान राजस्थान को 13500 क्यूसेक पानी मिलने की संभावना है, जिसमें से इंदिरा गांधी नहर परियोजना की नहरों के लिए करीब 10600 क्यूसेक पानी उपलब्ध होने का अनुमान है। विभाग के अनुसार रेगुलेशन लागू होने से पहले उपलब्ध पानी का उपयोग पेयजल भंडारण के लिए किया जाएगा। इसके बाद खरीफ सीजन में सिंचाई के लिए नहरों का संचालन चरणबद्ध तरीके से होगा। इससे हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर सहित राजस्थान के करीब 12 जिलों को राहत मिलने की उम्मीद है।

इस तरह चलेगा नहरों का चक्रीय कार्यक्रम | Hanumangarh News

इंदिरा गांधी मुख्य नहर की आरडी 620 के आधार पर रेगुलेशन कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके तहत नहरों को क, ख और ग समूह में बांटा गया है और एक समय में केवल एक समूह को प्राथमिकता के आधार पर पानी दिया जाएगा। पहला चरण 25 मई शाम 6 बजे से 3 जून सुबह 6 बजे तक चलेगा। प्रथम वरीयता में ग समूह, द्वितीय वरीयता में ख समूह, तृतीय वरीयता में क समूह चलेगा।

दूसरा चरण 3 जून सुबह 6 बजे से 11 जून शाम 6 बजे तक चलेगा। इसमें प्रथम वरीयता में ख समूह, द्वितीय वरीयता में क समूह, तृतीय वरीयता में ग समूह चलेगा। तीसरा चरण 11 जून शाम 6 बजे से 20 जून सुबह 6 बजे तक चलेगा। इसमें प्रथम वरीयता में क समूह, द्वितीय वरीयता में ग समूह, तृतीय वरीयता में ख समूह चलेगा। रेगुलेशन प्रस्ताव के अनुसार छोटी नहरों का रोटेशन साढ़े सात दिन में पूरा होगा। उन्हें साढ़े सात दिन चलाने के बाद बंद किया जाएगा, जबकि शेष एक दिन मुख्य नहर और शाखाओं के क्रॉस रेगुलेटर पर आवश्यक जलस्तर बनाए रखने के लिए रखा जाएगा। Hanumangarh News

पानी कम हुआ तो ऐसे होगा प्रबंधन

विभाग ने प्रस्ताव में स्पष्ट किया है कि यदि प्रथम वरीयता समूह की नहरों को आवश्यकता से अधिक पानी मिलता है तो अतिरिक्त पानी द्वितीय और तृतीय वरीयता समूह की नहरों को दिया जाएगा। वहीं यदि पानी कम मिलता है तो पहले पॉन्ड (जल भंडारण) का उपयोग किया जाएगा। इसके बाद भी कमी रहने पर पानी का बंटवारा अनुपातिक आधार पर किया जाएगा।

इसके अलावा यदि किसी प्रथम वरीयता नहर में व्यवधान आता है तो बाद के चरण में उसे प्राथमिकता देकर पानी उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन निर्धारित हिस्से से अधिक पानी उपयोग नहीं किया जाएगा। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि मीतांवाली हेड (0 आरडी) पर पानी कम उपलब्ध होता है तो वर्ष 2007 के आदेशों के अनुसार आईजीएनपी स्टेज प्रथम और द्वितीय में पानी की कमी का भार आनुपातिक रूप से बांटा जाएगा। Hanumangarh News

 

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