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Wednesday, April 22, 2026
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    ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर जा रही गाड़ी को पुलिस ने रुकवाया

    Police stopped the vehicle carrying oxygen cylinder

    चालक को रात भर रखा पुलिस चौंकी, सुबह बिना कार्यवाही के छोड़ा, मरीज की हुई मौत

    • एसपी को दी शिकायत, पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज करने की मांग

    सच कहूँ/कर्मबीर जुलाना। पंजाब के धुरी से ऑक्सीजन के दो सिलेंडर लेकर गाजियाबाद जा रही गाड़ी को गतौली चौंकी पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने रात को करीब 11 बजे रूकवाया और चालक को चौंकी में बंद कर दिया। सुबह के समय उसे जींद के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया जहां से चालक को बिना कोई कार्यवाही करके छोड़ दिया। इस बीच बिना ऑक्सीजन के मरीज की मौत हो गई।

    पंजाब के धुरी निवासी गुरप्रीत ने बताया कि वो अपनी कंपनी के मालिक के मुनीम निखिल गोयल के ससूर ललित मोहन के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर गाजियाबाद जा रहा था। रात को करीब 11 बजे जब वह गतौली गांव के पास पहुंचा तो पुलिस कर्मियों ने नाके पर उसे रूकवा लिया और उसके साथ अभद्रता की और उसे रात भर चौंकी में बैठाए रखा। गुरप्रीत ने आरोप लगाया कि डयूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी नशे में धुत थे जब उसने अपने मालिक से बात करवानी चाही तो पुलिसकर्मियों ने उसके फोन को फेंक दिया।

    सुबह उसे जींद के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया जहां से सीएमओ ने उसे छोड़ने के आदेश दिए। इस पर पुलिसकर्मी उसे अस्पताल में ही छोड़ गए। मंगलवार को कंपनी के मालिक गतौली चौंकी पर पहुंचे और गाड़ी को रूकवाने का कारण पूछा। पुलिसकर्मियों ने उन्हें टालने की कोशिश की लेकिन उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। इसी मांग को लेकर एसपी से शिकायत दी गई।

    ‘‘मैंने धूरी से दो सिलेंडर लेकर गाजियाबाद के लिए भेजे लेकिन गतौली चौंकी पर उस गाड़ी को रूकवाया गया। रात भर चालक को चौंकी में रखा गया। रात को चार बजे गैस ना मिलने से ललित मोहन (60) की मौत हो गई। मरीज की मौत के जिम्मेवार डयूटी पर तैनात पुलिसकर्मी और चौंकी इंचार्ज है। पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर एसपी से मिला गया है।

    राजेंद्र सिंह, टांसपोर्ट कंपनी मालिक धूरी निवासी।

    ‘‘रात को पंजाब नंबर की गाड़ी को रूकवाया गया। जिसमें 2 ऑक्सीजन सिलेंडर मिले। चालक मौके पर आवश्यक कागजात नहीं दिखा पाया। बाद में उसने कागजात दिखा दिए और उसे रात को ही छोड़ दिया गया। उनके उपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं।

    विरेंद्र सिंह, चौंकी प्रभारी गतौली।

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