Questions arising on electoral reforms and electoral bonds

चुनाव सुधार और इलेक्टॉरल बांड पर उठते प्रश्न

प्रीम कोर्ट ने इलेक्टॉरल बांड के माध्यम से राजनीतिक दलों के फंडिंग पर तो कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई,लेकिन पार्दर्शिता हेतु पार्टियों को निर्देश दिया कि इलेक्टॉरल बांड के जरिए 15 मई 2019 तक मिले चंदे की पूरी डिटेल्स सीलबंद लिफाफे में 30 मई तक चुनाव आयोग को सौंपे। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस […]
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