लोहड़ी पर ‘रूह दी’ हनीप्रीत इन्सां ने संगत को दी बधाई

Honeypreet-Insan

सरसा। आज लोहड़ी का पर्व देशभर में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व फसल की कटाई और नई फसल की बुवाई से भी जुड़ा होता है। इसलिए किसानों के लिए लोहड़ी का दिन काफी महत्वपूर्ण होता है। पंजाब में किसानों के लिए लोहड़ी को नए वित्तीय वर्ष के रूप में देखा जाता है। वहीं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की बेटी ‘रूह दी’ हनीप्रीत इन्सां ने सभी साध-संगत को लोहड़ी की बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘लोहड़ी का त्यौहार आपके जीवन में आकर्षण जोड़े और इसे सकारात्मकता और अच्छाई से भर दे। यह मौसम आपके और आपके परिवार के लिए खुशियां और समृद्धि लाए, यही कामना करती हूं।

https://twitter.com/insan_honey/status/1613773601643311105

पूज्य गुरु जी ने बताया लोहड़ी का त्यौहार मनाने का तरीका

लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रसिद्ध त्योहार है। यह मकर सक्रांति के एक दिन पहले मनाया जाता है। मकर सक्रांति की पूर्व संध्या पर इस त्यौहार का उल्लास रहता है। इस बार यह त्यौहार 13 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाया जा रहा है। रात्रि में खुले स्थान में परिवार और आस पड़ोस के लोग मिलकर आग के किनारे घेरा बना कर बैठते हैं और रेवड़ी गजक और मूंगफली खाते हैं।

हर त्योहार को मनाने की कोई खास विधि होती है। हर त्यौहार हमें अच्छी शिक्षा देकर जाता है पर यह कलयुग का समय है कि कुछ लोग इन त्योहारों के दिन बुरे कर्म करते हैं और पाप के भागीदार बनते हैं। जैसे जैसे कलयुग बढ़ता जा रहा है लोग त्योहारों को मनाने की विधि भूलते जा रहे हैं।

डेरा सच्चा सौदा के पूजनीय गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने हमेशा की तरह एक सत्संग में लोहड़ी के त्यौहार पर साध संगत को बधाई देते हुए इस त्योहार को मनाने की विधि बताते हुए फरमाया,

“साध संगत को लोहड़ी का जो पर्व है वह आप सबको बहुत-बहुत मुबारक हो। आप राम नाम का जाप करते हुए इस पर्व को मनाएं। क्योंकि दुनिया में तो इस दिन ना जाने कितने ही लोग जुआ खेल रहे होंगे, पाप कर्म कर रहे होंगे, गंदगी फैला रहे होंगे, राक्षस प्रवृत्ति का काम करते हैं‌। जबकि हमारे हिंदू धर्म में या किसी भी धर्म में जितने भी त्यौहार हैं वह अच्छाई का प्रतीक हैं, उनमें अच्छाई ही सिखाई जाती है।

आज के दिन बुराई जली, बुराई को जलाया गया तो आप भी अपनी बुराइयों को जलाइए ना, आहुति दीजिए और प्रण कीजिए कि मैं यह बुराईयां कभी जिंदगी में नहीं करूंगा, जैसे आज साध संगत ने किया। यह है सही तरीका त्योहार को मनाने का। घर में रहिए खुशी मनाइए, परिवार बच्चों को समय दीजिए। घर में जो समस्याएं हैं उनको दूर करने के लिए मालिक से दुआ कीजिए, प्रार्थना कीजिए और इस त्यौहार को जिस तरीके से मनाया जाता है वैसे मनाइए लेकिन जरूरी यह है कि इस त्योहार के अंदर जो सीख है उसको समाज को लेना चाहिए। बुराइयां छोड़नी चाहिए अच्छाइयां अपनानी चाहिए।

सच कहूं के सभी पाठकों को भी लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएं। इस शुभ अवसर पर सच कहूं टीम आप से आहवाहन करती है कि आप लोहड़ी पर खुद भी इंजॉय करें और जो लोग आर्थिक तंगी के कारण यह त्यौहार नहीं मना पा रहे , आप उनके चेहरे पर खुशियां लाने में भी सहयोग करें, उन्हें गर्म कपड़े, खाने पीने का सामान लोहड़ी के दिन जरूर वितरित करें।

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