Chandigarh: अधिकारियों और पीएसी कमेटी के बीच तीखी बहस

विधानसभा में हुई थी लोक लेखा समिति की बैठक, तलब किए गए थे 8 अधिकारी

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चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: पंजाब के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और लोक लेखा समिति के सदस्य विधायकों के बीच बुधवार को काफी तीखी बहस हो गई। इस बहस के दौरान शब्दों की मर्यादा टूटने की भी जानकारी मिल रही है। समिति की बैठक में तीखी बहस के दौरान माहौल ज्यादा गर्म न हो जाए, इसलिए समिति के चेयरमैन डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने हस्तक्षेप करते हुए मामले को शांत करवाया। बताया जा रहा है कि कुछ आईएएस अधिकारियों की ओर से समिति में शामिल एक-दो विधायकों के बोलने के तरीके को लेकर मौके पर ही शिकायत की गई कि वे इस तरह बातचीत नहीं कर सकते। इसके बाद आईएएस अधिकारी भी काफी ज्यादा गरम होते नजर आए। हालांकि विधानसभा की समितियों की बैठक काफी गोपनीय होने के कारण इस बारे में बाहर कोई जानकारी देने को तैयार नहीं है, लेकिन बैठक में मौजूद कुछ लोगों की ओर से इसकी पुष्टि की गई है।

जानकारी के अनुसार पंजाब विधानसभा की ओर से गठित लोक लेखा समिति, जिसे पीएसी भी कहा जाता है, की बुधवार को बैठक थी। इस बैठक में वर्ष 2017-18, 2019-20, 2021-22, 2022-23 और 2023-24 में दर्ज आॅडिट पैराग्राफ को लेकर विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा गया था। इन जवाबों के साथ ही विभाग के 6 आईएएस और 2 विभागीय अधिकारियों को भी तलब किया गया था। लोक लेखा समिति की इस बैठक में शामिल होने पहुंचे आईएएस अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों से मौके पर ही समिति के सदस्यों (विधायकों) ने काफी ज्यादा जवाब मांगना शुरू कर दिया। हालांकि शुरूआत में माहौल काफी शांत था, लेकिन कुछ ही मिनटों में बैठक का माहौल गर्म हो गया। समिति में शामिल सदस्य विधायकों की ओर से अधिकारियों के जवाब पर संतुष्टि जाहिर न करते हुए तीखी भाषा का भी इस्तेमाल किया गया। इसको लेकर अधिकारी भी आगे से नाराज हो गए और उन्होंने शब्दों की मर्यादा को लेकर ही सवाल खड़ा कर दिया। 

समिति के चेयरमैन इंदरबीर निज्जर ने समझदारी से माहौल को शांत तो करवा लिया, लेकिन दोनों पक्ष (विधायक और आईएएस अधिकारी) मामले को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहे थे। इसके बाद मामले को अगली बैठक के लिए रखते हुए समिति की बैठक समाप्त कर दी गई। विधानसभा में पहले भी कई बार आईएएस अधिकारियों को विभिन्न समितियों की ओर से जवाब मांगने के लिए तलब किया जाता रहा है, लेकिन विधायकों और आईएएस अधिकारियों के बीच इतना ज्यादा माहौल गर्म नहीं हुआ, जितना इस बार समिति की बैठक में हुआ। इस बारे में लोक लेखा समिति के चेयरमैन इंदरबीर निज्जर से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया, जबकि एक आईएएस अधिकारी ने कहा कि इस तरह की भाषा कोई भी सहन नहीं करता और इसी कारण मौके पर माहौल गर्म हुआ था।

 

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