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Surajkund Diwali Mela: तेईस अक्टूबर से सजेगा सूरजकुंड में दिवाली उत्सव का भव्य रंग
चार दिवसीय मेले में देश की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प का अनूठा संगम; 300 स्टॉलों पर मिलेगी दिवाली की विशेष खरीदारी
चंडीगढ़, सच कहूँ ब्यूरो। Surajkund Diwali Mela: हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और पारंपरिक हस्तशिल्प को नया आयाम देने के लिए फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड मेला परिसर एक बार फिर उत्सव के रंगों से सराबोर होने जा रहा है। 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे, जबकि 26 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
चार दिवसीय यह मेला दिवाली की खुशियों, भारतीय कला-संस्कृति, हस्तशिल्प, लोक संगीत, पारंपरिक व्यंजनों और पारिवारिक मनोरंजन का आकर्षक संगम बनेगा। लगभग 300 स्टॉलों के माध्यम से देश के कारीगरों और शिल्पकारों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने के साथ लोगों को त्योहार की खरीदारी का विशेष अनुभव मिलेगा। हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
300 स्टॉलों पर दिखेगा भारतीय शिल्पकारों का हुनर
मेले में लगाए जाने वाले लगभग 300 स्टॉलों पर हस्तशिल्प, हथकरघा, पारंपरिक कलाकृतियों, घर की सजावट से संबंधित वस्तुओं और दिवाली के लिए उपयोगी उत्पादों की विविधता देखने को मिलेगी। पर्यटक एक ही स्थान पर विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक कलाओं और शिल्प उत्पादों को देखने तथा खरीदने का आनंद उठा सकेंगे। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हस्तशिल्प हमारी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा होने के साथ लाखों लोगों की आजीविका से भी जुड़ा है। ऐसे आयोजनों से कारीगरों को अपनी कला के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलता है। इससे पारंपरिक हुनर को संरक्षित करने, नई पीढ़ी को उससे जोड़ने और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलती है।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास
विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला केवल खरीदारी और मनोरंजन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कलाओं और पीढ़ियों से चली आ रही शिल्प परंपराओं को सम्मान देने का महत्वपूर्ण मंच है। यह आयोजन स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने, उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने और नए बाजारों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।