शिक्षा और रोजगार
Assam Arunachal Tension: असम-अरुणाचल सीमा पर बढ़ा तनाव, आर्थिक नाकाबंदी के बीच पत्थरबाजी से स्थिति और बिगड़ी; सुरक्षा बल तैनात
असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर गोलीबारी के बाद तनाव
Assam Arunachal Pradesh Border Dispute: गुवाहाटी (एजेंसी)। असम और अरुणाचल प्रदेश की अंतरराज्यीय सीमा पर गोलीबारी की घटना के बाद शुरू हुआ तनाव गुरुवार को भी जारी रहा। आर्थिक नाकाबंदी के दौरान कथित पत्थरबाजी की घटनाओं ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया। Assam Arunachal Tension
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस तथा सीआरपीएफ के जवानों को भी मोर्चा संभालना पड़ा। 10 अगस्त को हुई गोलीबारी के बाद असम के धेमाजी और अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले से जुड़े सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दोनों राज्यों के मिसिंग और गालो समुदायों के बीच तनाव को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है।
सीमा विवाद के बाद हुई थी गोलीबारी
गोलीबारी की घटना धेमाजी जिले के गेरुकामुख थाना क्षेत्र के गोगमुख राजस्व सर्कल के अंतर्गत मिंगमांग बस्ती के पास अंतरराज्यीय सीमा पर हुई थी। इस घटना में कम से कम 12 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बताया जा रहा है कि जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद के बाद स्थिति बिगड़ी और गोलीबारी हुई। घटना के बाद दोनों राज्यों के प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी। Assam Arunachal Tension
गोलीबारी की घटना के विरोध में ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग (TMPK) ने 12 अगस्त से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकाबंदी शुरू की। इस आंदोलन के चलते असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। नाकाबंदी का असर सिलपाथर-लिकबाली मार्ग पर भी देखने को मिला। गुरुवार को कथित पत्थरबाजी के बाद इस मार्ग पर तनाव और बढ़ गया।
सुरक्षा बलों के सामने भी चुनौती
स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ समेत अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कई प्रवेश बिंदुओं पर अरुणाचल प्रदेश के पंजीकरण वाली गाड़ियों को रोके जाने की बात भी सामने आई है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और दोनों राज्यों के बीच आवागमन सामान्य रखने की कोशिश कर रहा है।
TMPK ने मिसिंग मिमाग केबांग (MMK) और ताकाम मिसिंग महिला केबांग (TMMK) के साथ मिलकर अपनी मांगें रखी हैं। संगठनों की प्रमुख मांगों में गोलीबारी में कथित रूप से शामिल लोगों की गिरफ्तारी और उन्हें असम पुलिस के हवाले करना शामिल है। इसके अलावा प्रदर्शनकारी संगठन असम-अरुणाचल सीमा विवाद का जल्द समाधान चाहते हैं। उन्होंने असम की जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है। Assam Arunachal Tension
प्रशासन ने शांति की अपील की
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने को कहा है, जिससे विवाद और हिंसा बढ़ सकती है। दोनों राज्यों के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ नागरिक प्रशासन भी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच करीब 804.1 किलोमीटर लंबी अंतरराज्यीय सीमा है। सीमा के कुछ हिस्सों को लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से विवाद रहा है।
विवाद के समाधान के लिए दोनों राज्य बातचीत और विभिन्न क्षेत्रीय तंत्रों के माध्यम से प्रयास करते रहे हैं। नामसाई घोषणा समेत विभिन्न समझौतों और संवाद प्रक्रियाओं के जरिए सीमा विवाद को सुलझाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल हालिया गोलीबारी के बाद एक बार फिर सीमा क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। Assam Arunachal Tension