कुम्हारिया के ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल पर जड़ा ताला
नशे के आरोप झेल रहे दो कर्मचारियों की तैनाती का विरोध
नाथूसरी चौपटा, (सच कहूँ/भगत सिंह)। नशे के आरोपों को लेकर विवादों में रहे दो कर्मचारियों की दोबारा राजकीय उच्च विद्यालय कुम्हारिया में तैनाती के विरोध में वीरवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया, जिससे पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई। बच्चे भी अपने बस्ते लेकर स्कूल से बाहर आ गए और करीब चार घंटे तक परिसर के बाहर बैठे रहे। बाद में खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर ढिढ़ारिया के मौके पर पहुंचकर समस्या के स्थायी समाधान का भरोसा देने के बाद ग्रामीणों ने ताला खोल दिया और स्कूल में शिक्षण कार्य दोबारा शुरू हो सका। Sirsa News
ग्रामीणों का आरोप है कि जिन दो कर्मचारियों को पहले गांव के विरोध के बाद डेपुटेशन पर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नाथूसरी चौपटा भेजा गया था, उन्हें दोबारा स्कूल में नियुक्त कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों कर्मचारी नशे के आदी हैं और उनकी मौजूदगी से स्कूल का माहौल प्रभावित होने की आशंका है। इसी कारण गांव के लोगों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया।
पांच साल पहले महापंचायत के बाद हटाए गए थे कर्मचारी
गांव के सरपंच रूपेश बैनीवाल, मदनलाल, पंच सुरेंद्र, प्रवीण धतरवाल, रवि सुंडा, छोटूराम, रामकुमार, दीपक, बिल्लू और धमनलाल ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले गांव में महापंचायत हुई थी। उस समय ग्रामीणों की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने कंप्यूटर अध्यापक और लैब सहायक को डेपुटेशन पर बीईओ कार्यालय, नाथूसरी चौपटा भेज दिया था। अब दोनों कर्मचारियों की फिर से स्कूल में तैनाती कर दी गई, जिससे ग्रामीणों में रोष फैल गया। Sirsa News
दो कर्मचारियों के तबादले की मांग का सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोनों कर्मचारियों का तत्काल तबादला करने और उनकी जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सूचना मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर ढिढ़ारिया मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा। बीईओ के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब चार घंटे बाद स्कूल का ताला खोल दिया गया, जिसके बाद शिक्षण कार्य सामान्य रूप से शुरू हो गया।
बच्चों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण: बीईओ
खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर ढिढ़ारिया ने कहा कि राजकीय उच्च विद्यालय कुम्हारिया के विद्यार्थी और स्टाफ मेहनती हैं। इस वर्ष स्कूल के एक विद्यार्थी का चयन सुपर-100 योजना में भी हुआ है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य और ग्रामीणों की मांग को ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों से बातचीत कर उचित और स्थायी समाधान निकाला जाएगा। Sirsa News