भवानी में पहली बार न्यूरो सकुर्लेटरी थेरेपी शिविर आयोजित, पहले दिन 50 लोगों की हुई जांच
भिवानी में क्रॉनिक दर्द के इलाज के लिए विशेष शिविर, 14 अगस्त तक चलेगा
भिवानी (सच कहूँ न्यूज़)। Bhiwani News: शहरवासियों को असाध्य और क्रॉनिक (पुराने) शारीरिक दर्दों से राहत दिलाने तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की गई है। स्थानीय हांसी गेट स्थित श्री राम कुंज सत्संग धाम में रविवार को स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का शुभारंभ हुआ। समाजसेवी नंदकिशोर अग्रवाल के विशेष सहयोग और मार्गदर्शन में आयोजित यह शिविर 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम को 4 से 7 बजे तक जारी रहेगा। इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भिवानी में पहली बार न्यूरो सकुर्लेटरी थेरेपी के माध्यम से शरीर के विभिन्न प्रकार के दर्दों और नसों से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी इलाज किया जा रहा है।
शिविर में सर्वाइकल, कमर दर्द, साइटिका, घुटने का दर्द, कंधे का दर्द, डिस्क स्लिप, एड़ी का दर्द, हाथ-पैरों में सूजन, नसों के जाम होने या दबने, सिर दर्द, पेट दर्द तथा पाचन एवं नसों से संबंधित अन्य विकारों की गहन जांच और उपचार किया जा रहा है। शिविर के पहले दिन रविवाार को 50 लोगों ने अपनी जांच करवाई। शिविर में अपनी सेवाएं दे रहे मुख्य थेरेपिस्ट भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में गलत खान-पान, दिनचर्या और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण शरीर में रक्त और तंत्रिका (न्यूरो) संचार प्रभावित हो जाता है। न्यूरो सकुर्लेटरी थेरेपी का मूल सिद्धांत शरीर के प्राकृतिक रक्त और न्यूरो तंत्र के प्रवाह को पुनर्जीवित करना है।
इस थेरेपी के माध्यम से दबी हुई नसों को खोलकर और प्रभावित हिस्से में रक्त संचार को सुचारू करके बिना किसी भारी दवा या जटिल प्रक्रिया के मरीज को दर्द से स्थायी राहत दिलाई जाती है। नाड़ी विशेषज्ञ जसविन्द प्रेमी ने कहा किनाड़ी परीक्षण केवल बीमारी के लक्षणों को देखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शरीर के आंतरिक असंतुलन और रोग की वास्तविक जड़ तक पहुंचने का सटीक साधन है। इस पद्धति से पुराने से पुराने दर्द, पाचन विकार और स्नायु संबंधी समस्याओं में त्वरित और दीर्घकालिक लाभ देखने को मिल रहा है।