कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा महोत्सव की निर्णायक सूची पर विवाद, 75 वर्षीय लोक कलाकार बुधराम ने जातीय भेदभाव का आरोप लगाकर मांगी जांच
राज्यपाल और कुलपति को भेजी शिकायत, प्रति हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग को भी भेजी गई
अंबाला, सच कहूँ न्यूज़। Ambala News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अक्तूबर 2026 में हुए युवा महोत्सव की निर्णायक मंडल चयन सूची पर विवाद खड़ा हो गया है। अंबाला शहर वासी 75 वर्षीय वरिष्ठ हरियाणवी लोकनृत्य कलाकार बुधराम ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कथित जातीय भेदभाव का आरोप लगाया है। शिकायत कुलपति प्रोफेसर असीम कुमार घोष और राज्यपाल एवं कुलाधिपति को भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार, शिकायत की एक प्रति हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग को भी कार्रवाई के लिए भेजी गई है। बुधराम ने कहा कि हरियाणवी लोक संगीत और लोकनृत्य में 53 वर्ष के अनुभव और राष्ट्रीय उपलब्धियों के बावजूद उन्हें चयन सूची में उचित स्थान नहीं मिला। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बुधराम के अनुसार, 2001 से 2005 तक उनके निर्देशन में विश्वविद्यालय की हरियाणवी समूह नृत्य टीम ने राष्ट्रीय युवा महोत्सव में प्रथम और द्वितीय पुरस्कार जीते। उन्होंने खोड़िया, खेड़ड़ा लोकनृत्य और हरियाणवी पॉप-डांस के संरक्षण के प्रयासों का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि उनके प्रशिक्षित कई विद्यार्थी सिनेमा, शोध और नृत्य निर्देशन में पहचान बना रहे हैं। शिकायत में बुधराम ने खुद को अनुसूचित जाति के वाल्मीकि समाज का बताया है।
उनका आरोप है कि निर्णायक मंडल में स्थान न मिलना जातीय भेदभाव का मामला हो सकता है। उन्होंने चयन सूची की समीक्षा, वरिष्ठ कलाकारों को योग्यता के अनुरूप सम्मान और भविष्य में पारदर्शी प्रक्रिया की मांग की। बुधराम ने कहा कि कलाकार की पहचान उसकी प्रतिभा, अनुभव और उपलब्धियों से होनी चाहिए, न कि उसकी जाति से। उन्हें क़ाबिलियत के अनुसार स्थान मिलना चाहिए।
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