खुशखबरी! इस विशेष योजना के तहत मुर्राह भैंस पर 40 हजार, देसी गाय पर 25 हजार तक आर्थिक सहायता देगी सरकार

स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की विशेष योजना

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Haryana Government Scheme: सरसा (सच कहूँ/पवन कुमार)। प्रदेश में स्वदेशी नस्ल के पशुओं के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार ने पशुपालकों को बड़ी राहत दी है। सरकार की गोसंवर्धन तथा एकीकृत मुर्राह विकास योजना (Cattle Conservation and Integrated Murrah Development Scheme) के तहत उच्च दूध उत्पादन करने वाली देसी गायों और मुर्राह भैंसों पर 40 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।  Haryana News

योजना का उद्देश्य स्वदेशी नस्लों का संरक्षण, पशुपालकों की आय में वृद्धि और डेयरी व्यवसाय को मजबूत बनाना है। सघन पशुधन विकास परियोजना के उपनिदेशक डॉ. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि योजना का लाभ केवल हरियाणा के स्थायी निवासी पशुपालकों को मिलेगा। आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना जरूरी है।

योजना के तहत एक पात्र पशुपालक अधिकतम चार दुधारू पशुओं पर ही प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकेगा। योजना में हरयाना, साहीवाल और बेलाही नस्ल की देसी गायों के साथ-साथ मुर्राह नस्ल की भैंसों को शामिल किया गया है। पशुओं के दूध उत्पादन के आधार पर प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है। Haryana News

ये दस्तावेज होंगे जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), पैन कार्ड, बैंक पासबुक अथवा रद्द चेक जमा कराना होगा। विभाग द्वारा दूध उत्पादन का सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी।

शर्तों का पालन करना होगा जरूरी

डॉ. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने वाले पशुपालकों को पंजीकृत पशु और उसकी नर संतान को कम से कम एक वर्ष तक नहीं बेचना होगा। साथ ही बछड़ों और कटड़ों की उचित देखभाल सुनिश्चित करनी होगी। पंजीकृत पशुओं का प्रजनन कृत्रिम गभार्धान के माध्यम से करवाना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि नस्ल सुधार को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने बताया कि किसी एक पशु पर उसके पूरे जीवनकाल में अधिकतम तीन बार ही प्रोत्साहन राशि प्राप्त की जा सकेगी। यदि कोई लाभार्थी निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा। Haryana News

दूध उत्पादन के आधार पर मिलेगी सहायता

योजना के अनुसार साहीवाल नस्ल की गाय पर 15 हजार से 25 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। हरयाना नस्ल की गाय पर भी 15 हजार से 25 हजार रुपये तक का लाभ दिया जाएगा। बेलाही नस्ल की गाय के लिए 5 हजार से 15 हजार रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है। वहीं मुर्राह भैंस पालकों के लिए सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। 18 से 22 किलोग्राम दूध उत्पादन करने वाली मुर्राह भैंस पर 20 हजार रुपये, 22 से 25 किलोग्राम उत्पादन पर 30 हजार रुपये तथा 25 किलोग्राम से अधिक दूध उत्पादन होने पर 40 हजार रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी।

ये मिलेगी प्रोत्साहन राशि

योजना के तहत साहीवाल नस्ल की गाय के 10 से 12 किलोग्राम दूध उत्पादन पर 15 हजार रुपये, 12 से 15 किलोग्राम पर 20 हजार रुपये तथा 15 किलोग्राम से अधिक उत्पादन पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसी प्रकार हरयाना नस्ल की गाय के 8 से 10 किलोग्राम दूध उत्पादन पर 15 हजार रुपये, 10 से 12 किलोग्राम पर 20 हजार रुपये और 12 किलोग्राम से अधिक उत्पादन पर 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। Haryana News

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