सेवाराम खुराना मृत्यु उपरांत भी बने मानवता की अनूठी मिसाल
जीते जी रक्तदान, मरणोपरांत किये नेत्रदान
तरावड़ी (सच कहूँ/रोहित लामसर)। समाज में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो अपने जीवनकाल में सेवा, सहयोग और मानवता के कार्यों से लोगों के दिलों में जगह बनाते हैं तथा अपने निधन के बाद भी समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। ऐसे ही महान व्यक्तित्व थे स्वर्गीय सेवाराम खुराना, जिनके परिवार ने उनके निधन के उपरांत उनके नेत्रदान का पुण्य कार्य करवाकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। Tarawadi News
स्वर्गीय सेवाराम खुराना के सुपुत्र राजेंद्र खुराना, सुभाष खुराना, सुरेश खुराना एवं सुरेंद्र खुराना ने अपने पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए उनके नेत्र दान करवाए, जिससे किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी पहुंच सकेगी। स्वर्गीय सेवाराम खुराना की रस्म पगड़ी के अवसर पर श्री शीशगंज गुरुद्वारा साहिब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नेत्रदान के इस प्रेरणादायी कार्य के लिए हंसराज पाहुजा ने खुराना परिवार का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है और खुराना परिवार का यह कदम समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। इस अवसर पर परिवार को सम्मान स्वरूप एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।
कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें वेद सलूजा, नपा चेयरमेन वीरेंद्र बंसल, मनोज वाधवा, अमित खुराना, दौलतराम खुराना, ओमप्रकाश खुराना, नंदकिशोर खुराना, प्रेम खुराना, रामसिंह नंबरदार सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं काफी लोग शामिल हुए। स्वर्गीय सेवाराम खुराना का यह नेत्रदान संदेश देता है कि जीते जी रक्तदान और मरणोपरांत नेत्रदान से बढ़कर कोई मानव सेवा नहीं है। उनका यह कार्य आने वाली पीढ़ियों को भी समाज सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। Tarawadi News