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Haryana News: कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के छोरे का गोल्डन पंच, 'भेड़िया' में खुशी की लहर
बॉक्सिंग में अंकुश के गोल्ड जीतने पर कोच बोले- तैयारी का परिणाम सामने आया
Commonwealth Games 2026: हिसार। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल (Ankush Panghal) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के मुक्केबाज को मात देकर उन्होंने भारत के पदक अभियान को नई ऊंचाई दी। उनकी इस उपलब्धि के बाद हरियाणा के हिसार जिले स्थित उनके पैतृक गांव भेड़िया में उत्सव जैसा माहौल है। Haryana News
गांव में लोगों ने मिठाइयां बांटीं, ढोल-नगाड़ों की धुन पर जश्न मनाया और एक-दूसरे को बधाई दी। परिवार के सदस्यों ने अंकुश की सफलता को वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम बताया। अंकुश के प्रशिक्षक ने कहा कि खिलाड़ी की प्रतिभा का आकलन शुरुआती दिनों में ही हो गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अनुरूप विशेष रणनीति तैयार की गई। उन्होंने बताया कि पिछले अनुभवों से सीख लेकर इस बार तकनीक और मानसिक मजबूती दोनों पर विशेष काम किया गया, जिसका लाभ फाइनल मुकाबले में स्पष्ट दिखाई दिया।
कोच के अनुसार, अंकुश ने नियमित अभ्यास में कभी ढिलाई नहीं बरती। प्रतिदिन सुबह और शाम कई घंटों तक कठिन प्रशिक्षण लिया गया तथा हर मुकाबले के लिए अलग रणनीति बनाई गई। उनकी मेहनत और अनुशासन ने अंततः भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंकुश के पिता ने बताया कि बचपन से ही परिवार ने उन्हें संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया।
शुरुआत में उनकी रुचि कबड्डी की ओर थी, लेकिन बाद में उन्होंने मुक्केबाजी को अपना लक्ष्य बनाया। परिवार को विश्वास था कि एक दिन उनका बेटा देश के लिए बड़ा सम्मान लेकर लौटेगा। स्वर्ण पदक जीतने के बाद अंकुश ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि मुकाबले की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन उन्होंने आत्मविश्वास बनाए रखा। कठिन परिस्थितियों में भी संयम और रणनीति के साथ खेलते हुए उन्होंने वापसी की और अंततः स्वर्ण पदक जीतने का सपना साकार किया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने परिवार, कोच और देशवासियों के समर्थन को दिया।