Ethanol Blending Programme: इथेनॉल ब्लेंडिंग से किसानों की बढ़ी आय, केजरीवाल के दावे गलत: प्रदीप भंडारी

मेरठ में किसानों से मिले प्रदीप भंडारी

Published On

Ethanol Blending Programme: मेरठ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने रविवार को मेरठ जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के प्रभाव को लेकर गन्ना और धान उत्पादक किसानों से चर्चा की और उनकी राय जानी। Meerut News

फाफुंडा और चंदासारा गांव में किसानों से बातचीत के दौरान कई किसानों ने बताया कि इथेनॉल उत्पादन से जुड़ी मांग बढ़ने के बाद गन्ने की खरीद और भुगतान व्यवस्था में सुधार देखने को मिला है। उनका कहना था कि समय पर भुगतान मिलने से आर्थिक दबाव कम हुआ है और निजी उधार पर निर्भरता भी घटी है। किसानों ने यह भी कहा कि फसल के लिए पहले की तुलना में अधिक विकल्प उपलब्ध होने से उनकी आय में सकारात्मक बदलाव आया है।

प्रदीप भंडारी ने बातचीत के बाद कहा कि किसानों की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। उनके अनुसार, इस पहल से किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध हुआ है, जिससे पारंपरिक बिक्री व्यवस्था के साथ-साथ नई संभावनाएं भी विकसित हुई हैं। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। Meerut News

इथेनॉल मिश्रण को लेकर हाल में उठे राजनीतिक विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस विषय पर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। उनका दावा था कि देश में बड़ी संख्या में वाहन लंबे समय से इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग कर रहे हैं और व्यापक स्तर पर किसी गंभीर तकनीकी समस्या की पुष्टि नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि मक्का, गन्ना और अतिरिक्त धान उत्पादन करने वाले किसानों को इस योजना से लाभ मिलने की संभावना बढ़ी है। उनके अनुसार, इथेनॉल उत्पादन के लिए इन फसलों की मांग बढ़ने से किसानों को बेहतर मूल्य और अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। Meerut News

भंडारी ने कहा कि भारत में आवश्यकता से अधिक उत्पादित धान का उपयोग इथेनॉल निर्माण में किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त उत्पादन का बेहतर उपयोग संभव हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गन्ना किसानों को भुगतान प्रक्रिया में सुधार लाने के प्रयासों से आर्थिक स्थिरता बढ़ी है।

हालांकि, इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय बढ़ाने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इस योजना के कुछ पहलुओं पर सवाल उठा रहा है। Meerut News

About The Author

Related Posts