Fake Oxytocin Injection: हिसार में नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने का भंडाफोड़, मेडिकल स्टोर और सप्लायर पर कार्रवाई
हिसार (सच कहूँ/मुकेश)। Fake Oxytocin Injection: जिले में अवैध रूप से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बेचने और बनाने के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। ड्रग्स कंट्रोल विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर और सप्लायर के ठिकानों पर छापेमारी की, जहां भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन और कच्चा माल बरामद किया गया। Hisar News
ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने सतरोड़ स्थित दुर्गा मेडिकल हॉल पर छापा मारा। जांच के दौरान दुकान में रखे सामान के पीछे छिपाकर रखी गई 14 नारंगी रंग की बोतलें बरामद हुईं। दुकान के मालिक एवं फार्मासिस्ट सतीश कुमार ने खुलासा किया कि ये ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन हैं, जिनका उपयोग किसान और डेयरी संचालक पशुओं से अधिक दूध लेने के लिए करते हैं। Hisar News
पूछताछ में सतीश कुमार ने बताया कि ये इंजेक्शन संत नगर निवासी कुंदन मिगलानी द्वारा सप्लाई किए जाते हैं। इसके बाद डीसीओ ने एचएसएनसीबी इंचार्ज सत्यपाल को मौके पर बुलाकर संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने सतीश कुमार के माध्यम से कुंदन मिगलानी से संपर्क किया और उसकी लोकेशन ट्रैक की।
फोन पर बातचीत के दौरान मिगलानी ने मिलने के लिए सेक्टर 1-4 फ्लाईओवर के पास स्थित अपनी दुकान बालाजी प्रॉपर्टी पर बुलाया। टीम ने वहां पहुंचकर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसके घर पर 20-30 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन मौजूद हैं, जिन्हें वह बिहार के गया निवासी विक्की से खरीदता है।
टीम ने कुंदन मिगलानी के संत नगर स्थित दो मंजिला मकान पर छापा मारा, जहां दो कमरों में भरे हुए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और एक स्टोर रूम में इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद हुआ। मौके पर फिनोल, एसिटिक एसिड, सॉल्यूशन, रबर स्टॉपर, मेटल कैप, वायल क्रिम्पिंग मशीन और खाली बोतलें भी मिलीं।
आरोपी ने टीम को अवैध रूप से इंजेक्शन बनाने की पूरी प्रक्रिया भी बताई और यह भी स्वीकार किया कि उसके पास कोई मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नहीं है तथा वह केवल 10वीं पास है। टीम को एक लिफाफे में 1-1 ग्राम के 14 ऑक्सीटोसिन ईपीआई पाउच भी मिले, जो गया (बिहार) से मंगवाए गए थे। इसके अलावा व्हाट्सएप चैट और लेन-देन के रिकॉर्ड भी बरामद किए गए। Hisar News
ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने API, भरे हुए इंजेक्शन, कंसंट्रेटेड और डाइल्यूटेड सॉल्यूशन के कुल 4 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं, जबकि बाकी सामग्री को जब्त कर लिया गया है।
यह पूरी कार्रवाई राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता और FDA कमिश्नर मनोज यादव के निर्देशन में की गई।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट:
ऑक्सीटोसिन का अवैध उपयोग पशुओं में दूध बढ़ाने के लिए किया जाता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है।