बिजली निजीकरण के खिलाफ गरजे कर्मचारी

रोष मार्च निकालकर सौंपा ज्ञापन, कार्य बहिष्कार कर एसई कार्यालय परिसर में की सभा

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हनुमानगढ़। जोधपुर डिस्कॉम में हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर वृत्त के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में सोमवार को हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर नारेबाजी की और सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन की शुरुआत जोधपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में आयोजित सभा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि विद्युत क्षेत्र में उत्पादन, प्रसारण और वितरण को विभिन्न मॉडलों के नाम पर निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया लगातार बढ़ रही है, जो आमजन के हितों के विपरीत है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जोधपुर डिस्कॉम के अंतर्गत श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ वृत्त का संपूर्ण या आंशिक निजीकरण करने की तैयारी की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण लागू होने से बिजली दरों में बढ़ोतरी तय है, जिसका सीधा असर किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे उद्योगों पर पड़ेगा।

कर्मचारियों ने यह भी कहा कि निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है, जिसके कारण ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही ठेका प्रथा बढ़ने से स्थायी कर्मचारियों के भविष्य पर संकट उत्पन्न होगा और तकनीकी कार्यों में अस्थिरता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग, फ्रेंचाइजी मॉडल, स्मार्ट मीटरिंग और अन्य निजी भागीदारी आधारित व्यवस्थाओं के कारण पहले ही विभागीय कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों ने मांग की कि सभी तकनीकी एवं स्थायी प्रकृति के कार्यांे को सरकारी कर्मचारियों की ओर से ही संचालित किया जाए तथा नए स्थायी पदों पर भर्ती की जाए।

संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निजीकरण की प्रक्रिया पर तुरंत रोक नहीं लगाई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। इसमें धरना-प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार एवं व्यापक आंदोलन शामिल होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं डिस्कॉम प्रबंधन की होगी। सभा के बाद कर्मचारियों ने पैदल रोष मार्च निकाला, जो जिला कलक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान पूरे मार्ग में कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और निजीकरण विरोधी संदेश दिया। कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारियों के इस प्रदर्शन से दिनभर विद्युत विभाग में कार्य प्रभावित रहा और क्षेत्र में आंदोलन की गूंज सुनाई दी।

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