भाजपा ने कैथल जिले में खेला पुराने चेहरों पर दांव, 2 मौजूदा और एक पूर्व विधायक को उतारा मैदान में

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कैथल (सच कहूं/कुलदीप नैन)। Kaithal News: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने बुधवार देर शाम 67 उम्मीदवारो की सूची जारी की। कैथल जिले से भी चार विधानसभा क्षेत्रों में से तीन हल्को में उम्मीदवारों की घोषणा हो गई। पुंडरी में पार्टी अभी थोड़ा इंतजार करना चाह रही है। पूरे हरियाणा में टिकट वितरण के बाद भाजपा नेताओं द्वारा पार्टी छोड़ने के समाचार प्राप्त हो रहे है लेकिन बीजेपी के लिए राहत की खबर है कि अभी तक जिले से किसी नेता की नाराजगी सामने नहीं आई है। Kaithal News

2019 में कलायत में पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में सांसद जय प्रकाश उर्फ जेपी को हराया था। वहीं, कैथल में लीला राम ने वर्तमान में राज्यसभा सांसद व दिग्गज कांग्रेसी नेता रणदीप सुरजेवाला को हराया था। गुहला में पिछली बार पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर को टिकट तो नहीं मिला, लेकिन इससे पहले 2014 में कांग्रेस से दिल्लू बाजीगर को हराया था। ऐसे में भाजपा ने पुराने चेहरों पर ही भरोसा जताया है।

कैथल विधानसभा से लीला राम गुर्जर | Kaithal News

जैसा कि पहले ही कयास लगाए जा रहे थे कि कैथल में पार्टी मौजूदा विधायक को ही मैदान में उतारेगी तो हुआ भी ऐसा ही, पार्टी ने उन्हें ही टिकट सौंपी। लीला राम के मुकाबले में टिकट की दावेदारी में कई नए चेहरे मैदान में थे। इनमे एसबीएसई मजबूत दावेदारी लीला राम के साथी कहे जाने वाले सुरेश नौच की ही थी। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राव सुरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष मुनीष कठवाड, नरेंद्र गुर्जर व राजपाल तंवर, हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत और रामप्रताप गुप्ता का नाम भी दावेदारी में शामिल था। लेकिन बीजेपी यहां नए दावेदार को उतारकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी।

लीला राम के सामने एक बार फिर से कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला चुनाव लड़ सकते हैं। वर्ष 2019 में लीला राम से वह 1246 वोटी से हार गए थे। हालांकि अभी कांग्रेस ने राज्यसभा सांसद के चुनाव लडने के फैसले पर कोई निर्णय नहीं लिया है। अगर राज्यसभा वाला पेंच फसता है तो रणदीप सुरजेवाला यहां से अपने बेटे को उतार सकते है। ऐसे में एक बार फिर से कैथल विधानसभा में रोचक मुकाबला होने की पूरी उम्मीद है। Kaithal News

कलायत विधानसभा से पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा

कलायत से पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा दूसरी बार टिकट हासिल करने में कामयाब रही। वर्ष 2009 में उनके पति पूर्व कैबिनेट मंत्री नरसिंह ढांडा ने भी यहां बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ा था। यहां भी नए टिकटार्थियों की लंबी फेहरिस्त थी। लेकिनकमलेश ढांडा के टिकट की घोषणा के साथ ही सारे कयास खत्म हो गए । नए दावेदारों में यहा डा. सुखदेव कुंडू , सुरेश राविश, महीपाल चौशाला, सुमन राणा, रोहित शर्मा, विनोद निर्मल शामिल थे। कलायत जाट बाहुल क्षेत्र है। यहां से ज्यादातर विधायक जाट समाज से ही बनते आए है। वह चाहे रामपाल माजरा हो या जयप्रकाश जेपी। कलायत में भाजपा से एकमात्र महिला जाट नेता होना उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ। इसलिए एक बार फिर भाजपा ने कमलेश ढांडा को चुनावी मैदान में उतारा है।

गुहला विधानसभा से कुलवंत बाजीगर | Kaithal News

गुहला चीका आरक्षित सीट से भाजपा ने एक बार फिर से पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर पर दांव खेला है। यहां भाजपा को पिछली बार टिकट बदलने का प्रयोग महंगा पड़ गया था। यहां बाजीगर समाज का वर्चस्व है। पिछले चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने बाजीगर समाज के उम्मीदवार को टिकट दिया था, जिसका खामियाजा दोनो पार्टियों को भुगतना पड़ा था। हालांकि यहां दूसरे हलकों की अपेक्षा भाजपा के टिकट के लिए मारामारी कम थी। यहां से रवि तारांवाली, नगर परिषद कैथल की वाइस चेयरपर्सन सीमा वाल्मीकि, पूनम सौथा ही मुख्य दावेदार थे। बाजीगर को टिकट मिलने का दूसरा बड़ा कारण उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा रही है। टिकट कटने के बाद भी वे विचलित नहीं हुए और पार्टी के लिए लगातार काम करते रहे।

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