Mandi News: बारिश का कहर जारी, मंडियों में धान भीगने से किसान परेशान

59 हजार क्विंटल धान खरीद के इंतजार में, कालांवाली और रोड़ी मंडी में भी खुले में रखी फसल भीगी

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सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। मंडियों में धान लेकर पहुंच रहे किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। डबवाली की अनाज मंडी में चार दिन पहले हुई 70 एमएम बारिश के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी और अब बुधवार रात हुई 25 एमएम बारिश ने एक बार फिर बदइंतजामी की पोल खोल दी। डबवाली अनाज मंडी के ए और बी ब्लॉक में खुले में रखा धान दोबारा भीग गया। पहली बारिश के बाद जलभराव को लेकर छह आढ़ती फर्मों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन दूसरी बार फसल भीगने से इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ किसान अपनी उपज बचाने के लिए जूझ रहे हैं, वहीं मंडी में 59,227 क्विंटल धान अब भी खरीद के इंतजार में पड़ा है। बारिश के साथ खरीद और उठान की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

आठ एकड़ की फसल दूसरी बार भीगी

गांव पन्नीवाला मोरिकां निवासी किसान गगनदीप सिंह ने बताया कि वह आठ दिन से ए ब्लॉक में धान लेकर बैठे हैं। पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से जलभराव हुआ और उनकी आठ एकड़ की फसल दूसरी बार भीग गई। किसान ने दावा किया कि पानी के साथ काफी धान नाली में बह गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ आढ़ती शेड के नीचे जगह रोककर रखते हैं, जिसके कारण बाद में फसल लेकर आने वाले किसानों को खुले में धान रखना पड़ता है। गांव अबूबशहर निवासी किसान गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनके पास 14 एकड़ धान है। इसमें से 10 एकड़ की कटाई करवाकर वह चार दिन पहले मंडी में फसल लेकर आए थे। बी ब्लॉक में शेड भरे होने के कारण धान बाहर रखना पड़ा, जो बारिश में भीग गया। अब उसे सुखाने के लिए दोबारा फैलाना पड़ रहा है।

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नई अनाज मंडी में खुले में पड़ा धान।

 

मंडी का स्तर नीचा, जिससे आसपास का पानी भी पहुंचता है: सचिव

मार्केट कमेटी सचिव ऋषिराज ने बताया कि मंडी का स्तर नीचा होने के कारण हुड्डा और आसपास के क्षेत्रों का पानी भी यहां पहुंच जाता है। सीवरेज व्यवस्था एक साथ इतना पानी निकालने में सक्षम नहीं है। बारिश के कारण धान भीगा है। उन्होंने बताया कि वह और उनका स्टाफ रात से ही पानी निकासी के इंतजामों में जुटे हुए हैं।

खरीद के इंतजार में 59 हजार क्विंटल धान 

डबवाली अनाज मंडी और उपमंडल की ग्रामीण मंडियों में अब तक कुल 1,28,851 क्विंटल धान की आवक हुई है। इसमें से 69,624 क्विंटल की खरीद हुई, जबकि 59,227 क्विंटल धान बिना खरीदे पड़ा है। अब तक 27,029 क्विंटल धान का उठान हुआ है। पिछले साल इसी अवधि तक 1,64,003 क्विंटल धान मंडियों में पहुंचा था। इस बार आवक 35,152 क्विंटल कम है।

कालांवाली और रोड़ी में भी खुले में रखा धान भीगा

कालांवाली की अतिरिक्त मंडी में करीब 1,92,000 क्विंटल धान पहुंच चुका है। इसमें से 45,000 क्विंटल की खरीद हुई, जबकि केवल 6,000 क्विंटल का उठान हुआ है। वीरवार सुबह बारिश से खुले में रखा हजारों क्विंटल धान भीग गया। रोड़ी मंडी में शेड से बाहर रखा करीब 5,000 क्विंटल धान बारिश की चपेट में आया। किसानों, आढ़तियों और मिलरों ने तिरपाल डालकर फसल बचाने का प्रयास किया, लेकिन जलभराव वाले स्थानों पर धान भीग गया। यहां 2,211 मीट्रिक टन खरीद के मुकाबले 1,300 मीट्रिक टन उठान हुआ है। सुरतिया में 1,457 मीट्रिक टन खरीद और 750 मीट्रिक टन उठान हुआ है। सरसा मंडी में भी धान गीला हुआ, हालांकि अधिक नुकसान की आशंका कम बताई गई है। बार-बार बारिश से फसल भीगने और उठान में देरी के बीच किसानों ने मंडियों में पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम करने तथा खरीद और उठान में तेजी लाने की मांग की है, ताकि खुले में पड़ी उपज को नुकसान से बचाया जा सके।

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