कैथल जिला परिषद में चौधर की जंग पर हाईकोर्ट का स्टे

Published On

आज जिप चेयरमैन दीप मलिक के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव हो सकता है पास

  • आज होने वाली मीटिंग में वोटिंग तो होगी, परंतु परिणाम घोषित करने पर रहेगी रोक

कैथल (सच कहूं/कुलदीप नैन)। Kaithal News: जिला परिषद कैथल में चौधर की जंग पर सियासत तेज होती जा रही है। भाजपा व जजपा का गठबंधन टूटने के बाद कैथल में जिला परिषद चेयरमैन पद पर पिछले कई महीनो से घमासान देखने को मिल रहा है। जिप चेयरमैन दीप मलिक जजपा पार्टी से है। उनके खिलाफ भाजपा समर्थित 15 पार्षदों ने अविश्वास का शपथ पत्र दिया। इसी को लेकर 19 जुलाई (आज) मीटिंग बुलाई गयी थी लेकिन इससे पहले ही मामले में फिर एक नया ट्विस्ट आ गया। चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला मीटिंग से पहले ही हाईकोर्ट पहुंच गया। Kaithal News

मामले की जानकारी देते हुए दीप मलिक ने बताया कि वीरवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 19 जुलाई को (आज) होने वाली वोटिंग पर तो रोक लगाने से इंकार कर दिया, लेकिन चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी। चुनाव परिणाम कोर्ट के फैसले या कोर्ट की अनुमति से जारी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने और नोटिस जारी किए जाने में नियमों का ठीक से पालन नहीं किया गया है। इस पर माननीय हाइकोर्ट ने हमें राहत दी है और सरकार को नोटिस जारी किया है कि सफाई दें कि नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।

दीप मलिक ने कहा कि हमारी मांग है कि प्रशासन कल होने वाली वोटिंग को स्थगित करे ताकि जब हाइकोर्ट से केस फाइनल हो जाए तब पूरी प्रक्रिया एक साथ करवा ली जाए। उन्होंने कहा कि असंतुष्ट सदस्यों से बातचीत के सभी दरवाजे खुले हैं। जिस भी साथी की कोई शिकायत है या विकास कार्यों से जुड़ी कोई डिमांड है, वो मिल सकता है। सबके काम करवाएंगे।

21 पार्षदों में से 15 खिलाफ | Kaithal News

या था। हरियाणा में भाजपा व जजपा गठबंधन सरकार के दौरान जनवरी 2023 में जजपा नेता दीपक मलिक उर्फ दीप जाखौली को कैथल जिला परिषद का चेयरमैन चुना गया था। लेकिन मार्च में गठबंधन टूटते ही दीप जाखौली की कुर्सी पर मंडराना शुरू हो गया था | अब मामला अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंच गया है। जिला परिषद के 21 पार्षदों में 15 भाजपा व 6 जेजेपी समर्थक माने जाते हैं। फिलहाल भाजपा समर्थित 15 पार्षद दीप के खिलाफ एकजुट बताए जा रहे हैं।

अब वोटिंग तो होगी, परंतु परिणाम घोषित नहीं होगा

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद भले ही 19 जुलाई को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग पर रोक लगाने से इंकार कर दिया हो, परंतु वोटिंग के बाद चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक लगाकर मामले की सुनवाई पूरी होने तक चेयरमैन दीप मलिक को कुछ राहत जरूर दे दी है। 19 को होने वाली वोटिंग में चेयरमैन का ताज बचेगा या फिर नीचे से कुर्सी खिसकेगी, यह हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने पर वोटिंग के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। Kaithal News

यह भी पढ़ें:– Protest against Power Cut : विद्युत कटौती के खिलाफ ‘अनोखा’ प्रदर्शन!

About The Author

Related Posts