शिक्षा और रोजगार
राइस मिलर फिजीकल वैरीफिकेशन : 81 करोड़ की गड़बड़ी का खुलासा
कुल 32427 मिट्रिक टन पैडी गायब मिली Rice Miller
सबसे ज्यादा 9801 मिट्रिक टन करनाल में गायब मिली
प्रदेश की कुल 1305 में से 1059 मिलों की हुई जाँच
चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)। प्रदेश में जारी राइस मिलों (Rice Miller) की फिजिकल वैरीफिकेशन का काम लगभग पूरा होने को है। अब तक हुई वैरीफिकेशन में 81 करोड़ की पैडी गायब पाई गई है। सबसे ज्यादा पैडी करनाल में गायब मिली है। बता दें कि प्रदेश में राइस मिलरों के कथित घोटाले की जांच के तहत मिलों की फिजिकल वैरीफिकेशन जारी है। इसमें सरकार द्वारा समझौते के तहत मार्केट से खरीदी गई पैडी जिन 1305 मिलों को दी गई थी उनकी फिजीकल वैरीफिकेशन की जा रही है। सरकार द्वारा मार्केट से खरीद कर मिलों को दी गई कुल पैडी के मुकाबले फिलहाल 1059 मिलों की जाँच के बाद कुल 32 हजार 427 मिट्रिक टन पैडी का फर्क सरकार की एजेंसियों को मिला है।
करनाल में मिली सबसे बड़ी गड़बड़ी
फूड एंड सप्लाई विभाग के एसीएस पी.के. दास के अनुसार इस मामले की जांच करने के लिए 300 अधिकारियों की टीम रोजाना लगभग 150 मिलों की जाँच कर रही है।अब तक हुई जाँच के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गृह क्षेत्र करनाल की कुल 303 मिलों में से 244 मिलों में कुल 9 हजार 801 मिट्रिक टन पैडी का अंतर पाया गया है। वहीं दूसरा जिला गृह मंत्री अनिल विज का जिला अंबाला है । जहाँ अब तक कुल 193 मिलों की जांच के बाद 192 मिलों में 9 हजार 351 मिट्रिक टन पैडी गायब मिली है।
कैसे होती है गड़बड़ी
एसीएस दास के अनुसार प्रदेश के राइस मिलर और आढ़तियों की मिलीभगत से ही धान घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। उनके अनुसार धान की बुकिंग दिखा के सरकार से पैसा ले लिया जाता है जबकि धान नहीं लिया जाता। वहीं समय आने पर सरकार को छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड इत्यादि राज्यों से राशन वाला धान खरीद लिया जाता है। जिसे सरकार का पैसा लम्बे समय के लिए उपयोग कर लिया जाता है और दूसरे राज्यों से गरीबों, बीपीएल में बंटने वाला चावल खरीद कर उसे पूरा दिखा दिया जाता है। जबकि हरियाणा का धान बाहर की मंडियों में उचित दामों पर बेच दिया जाता है।
अगली बार सरकार उठाएगी ये कदम
वहीं अगले सीजन में घोटाला रोकने के लिए सरकार पैडी का ज्यादा स्टाक अपने पास ही जमा करेगी। वहीं प्राइवेट कम्पनी जो पैडी रखेगी उसकी हर 15 दिन पर स्टाक की चेकिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा सरकार प्राइवेट फर्मों तक पैडी की पहुंच खुद करवाएगी।
जहाँ कम मिली पैडी, उन मिलरों को होगा शो काज नोटिस
- जिन भी मिलरों से पैडी बड़ी संख्या में गायब मिली है, उन्हें शो काज नोटिस जारी होगा।
- उसके बाद उनका जवाब लिया जाएगा।
- सरकार इन्हें दो विकल्प देगी या जो भी पैसे का घोटाला है वो भरें।
- नहीं तो उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज होगा और पैसा वसूला जाएगा।
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