बाप-बेटी की चिता साथ जली, मां का छठे दिन भी सुराग नहीं

सीसीटीवी में 16 अक्तूबर को आखिरी बार एक बाइक पर दिखा परिवार, राजकनाल से मिले पिता-बेटी के शव, मौत की वजह अब भी पहेली

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ऐलनाबाद, सच कहूँ न्यूज़। Ellenabad News: एक हंसता-खेलता परिवार घर से निकला, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में डबली गांव के पास राजकनाल से इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी भरत सिंह सहारण और उनकी 24 वर्षीय बेटी लता के शव मिलने के बाद सोमवार को दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। वहीं पत्नी मंजू का छठे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा। सीसीटीवी फुटेज में तीनों 16 अक्तूबर को एक ही बाइक पर गांव से निकलते दिखाई दिए थे। पुलिस हादसे, आत्महत्या और हत्या समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

बेटी ने जयपुर और हिसार से की थी पढ़ाई

24 वर्षीय लता ने जयपुर और हिसार में बीबीए और एमए की पढ़ाई की थी। इन दिनों वह घर पर थी। परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, उसकी शादी के लिए रिश्ते की बात चल रही थी। करीब 15 से 20 दिन पहले भरत सिंह ने बेटी के लिए एक रिश्ता भी देखा था। हालांकि, परिवार में किसी बड़े विवाद या परेशानी की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

ऐलनाबाद में थी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान

भरत सिंह की ऐलनाबाद के नोहर रोड पर गणपति इलेक्ट्रॉनिक्स नाम से दुकान थी, जो साझेदारी में चलती थी। उनका बड़ी मोटरों और मशीनरी की तारों व स्टार्टर से जुड़ा काम था। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में उनकी करीब पांच एकड़ जमीन भी थी और परिवार संयुक्त रूप से रहता था। ग्रामीणों ने बताया कि भरत सिंह के पिता चेतराम की ऐलनाबाद में कीटनाशक की दुकान थी और उनकी भी आत्महत्या से मौत हुई थी। इसके बाद भरत सिंह का पालन-पोषण उनकी मौसी ने किया था।

पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए भेजा

भरत सिंह और लता के शवों का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार घर से निकलने से पहले भरत सिंह ने खाना खाया था, जबकि लता ने कुछ नहीं खाया था। जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका को देखते हुए डॉक्टरों ने दोनों के शरीर के विभिन्न अंगों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सीसीटीवी में आखिरी बार साथ दिखा परिवार

ग्रामीणों के अनुसार 16 अक्तूबर को दोपहर करीब एक बजे भरत सिंह बाइक लेकर दुकान जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पत्नी मंजू ने पेट में दर्द होने की बात कही। इसके बाद करीब डेढ़ बजे मंजू और बेटी लता भी उनके साथ निकल गईं। काफी देर तक तीनों के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। परिवार के मोबाइल की आखिरी लोकेशन दोपहर करीब ढाई बजे राजस्थान की ओर जाने वाली नहर के मसीतां हेड के पास मिली थी। इसके बाद नहर में तलाश अभियान शुरू किया गया। रविवार को डबली गांव के पास राजकनाल से पहले लता और फिर भरत सिंह का शव मिला। उनकी बाइक भी नहर में बरामद हुई। बताया जा रहा है कि बाइक और दोनों शवों के बीच करीब 500 से 600 मीटर की दूरी थी। इस तथ्य ने मामले को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

 तलाश में 200 से अधिक ग्रामीण जुटे

मंजू का पता लगाने के लिए पुलिस और गोताखोरों की टीम नहर में तलाश अभियान चला रही है। ढाणी शेरां वाली के सरपंच नत्थूराम के नेतृत्व में 200 से अधिक ग्रामीण भी खोजबीन में जुटे हैं। ग्रामीण पिछले दो दिनों से मौके पर डटे हुए हैं। उनके खाने-पीने सहित अन्य व्यवस्थाएं ग्राम पंचायत की ओर से की जा रही हैं।

ऐलनाबाद थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि 16 अक्तूबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस मंजू की तलाश कर रही है। मामले में हादसे, आत्महत्या और हत्या समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फिलहाल घटना की वजह स्पष्ट नहीं है।

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