Sirsa News: चक्कां के किसान का बेटा व शाह सतनाम जी बॉयज़ कॉलेज का 'सुपर स्टूडेंट' Google पहुँचा

USA से साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट के तौर पर नौकरी का मिला ऑफ़र

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खारियां/सरसा (सच कहूँ/सुनील कुमार)। शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज सरसा के सुपर स्टूडेंट एवं गांव चक्कां के युवा बजरंग टाक ने अपनी मेहनत, लगन और सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग से वह मुकाम हासिल किया है, जो आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। साइबर क्राइम ब्रांच सरसा में टेंडर बेस पर कार्यरत बजरंग टाक का चयन अमेरिका की बहुराष्ट्रीय कंपनी गूगल में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट के पद पर हुआ है। कंपनी ने उन्हें जॉब ऑफर लेटर भेजा है और वे 8 मई को कैलिफोर्निया स्थित कार्यालय में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे। Sirsa News

अंतरराष्ट्रीय कंपनी से मिले करोड़ों के पैकेज ने न केवल बजरंग के परिवार, बल्कि पूरे गांव और जिले को गौरवान्वित किया है। बधाई देने वालों का उनके घर पर तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया। बजरंग एक सामान्य किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता भीम सैन टाक, माता सरोज रानी खेती करते हैं, जबकि परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है। सीमित जमीन होने के कारण परिवार ठेके पर भूमि लेकर खेती करता है। बजरंग अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा मनफूल, माता और पिता को देते हैं, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया।

बजरंग ने वर्ष 2017 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चक्कां से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज सरसा से वर्ष 2023 में बीसीए और चंडीगढ़ स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी से 2025 में एमसीए की डिग्री प्राप्त की। इसी दौरान उन्होंने ऑनलाइन प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी हासिल किए।

खुद बना ट्रेनर, अब दूसरों को दे रहे रोजगार | Sirsa News

बजरंग वर्तमान में सरसा में साइबर क्लासेज नाम से प्रशिक्षण संस्थान भी संचालित कर रहे हैं, जहां 160 से अधिक विद्यार्थी साइबर सिक्योरिटी, कोडिंग और एआई की ट्रेनिंग ले रहे हैं। इनमें भारत के अलावा जर्मनी, कतर और अमेरिका के छात्र भी ऑनलाइन जुड़े हुए हैं। उनके प्रशिक्षण से अब तक 15 युवाओं को सरकारी नौकरी, 38 को निजी कंपनियों और 2 को विदेश में रोजगार मिल चुका है।

महज 23 वर्ष की उम्र में बजरंग 55 से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने में मदद कर चुके हैं। युवाओं को दिया संदेश बजरंग का कहना है कि सोशल मीडिया स्वयं में गलत नहीं है, बल्कि उसका उपयोग कैसा किया जाता है, यह मायने रखता है। यदि युवा इसे सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करें तो बिना बड़े खर्च के बहुत कुछ सीख सकते हैं और अपना भविष्य संवार सकते हैं।

यूट्यूब से शुरू हुई सीख, गूगल तक पहुंची मेहनत | Sirsa News

बजरंग ने बताया कि उन्होंने कक्षा 9वीं के दौरान अपने पिता के मोबाइल पर यूट्यूब के माध्यम से कोडिंग सीखना शुरू किया था। शुरूआती दौर में उन्होंने कैलकुलेटर, दुकानों के बिलिंग सिस्टम और गेम से जुड़ी तीन वेबसाइट विकसित कीं, जो आज भी कार्यरत हैं। यहीं से उनकी रुचि कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी में बढ़ती चली गई।

बाद में उन्होंने नियमित रूप से ऑनलाइन रिसर्च की और जर्मनी के बर्लिन से एथिकल हैकिंग व कोडिंग से संबंधित कोर्स किया। साइबर क्राइम ब्रांच सरसा और हिसार में कार्य करते हुए उन्होंने कई साइबर शिकायतों के समाधान में योगदान दिया।

20 मिनट में पूरा किया गूगल का टास्क, मिला ऑफर लेटर

वर्ष 2025 में गूगल की ओर से उन्हें साइबर सिक्योरिटी से जुड़ा एक विशेष ऑनलाइन टास्क भेजा गया। बजरंग ने इसे मात्र 20 मिनट में पूरा कर दिया। उनकी तकनीकी दक्षता और साइबर सिक्योरिटी स्किल्स से प्रभावित होकर कंपनी ने 23 अप्रैल को उन्हें साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट पद के लिए ऑफर लेटर भेज दिया।

बिना नेटवर्क इंटरनेट तकनीक विकसित करना है सपना

बजरंग टाक का अगला लक्ष्य ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे बिना नेटवर्क के भी इंटरनेट और फोन कॉलिंग जैसी सेवाएं संचालित हो सकें। उनका कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो सकती है और वे इस दिशा में रिसर्च कर रहे हैं। Sirsa News

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