मलेशिया में मौत से लड़ रहा था बेटा, मां की आंखों में था बस इंतजार

जब हर तरफ से उम्मीद टूटी तो वरिष्ठ पत्रकार विकास सुखीजा बने मसीहा

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करनाल (सच कहूँ/विजय शर्मा)। हर तरफ से ना उम्मीद हुए जिले के एक बेहद ही गरीब परिवार की एडवोकेट व वरिष्ठ पत्रकार विकास सुखीजा द्वारा की गई मदद ने ना केवल एक मां के दर्द को समझा बल्कि मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर के अस्पताल में जिदंगी और मौत से लड़ रहे उनके नौजवान बेटे को स्वदेश लाने में अहम भूमिका निभाकर मानवता की भी मिसाल पेश की। Karnal News

बता दें कि करनाल के गांव सिंघड़ा निवासी कपिल अपनी पत्नी के साथ अढाई साल पहले टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया गया था और जब वीजा समाप्त हुआ तो वो दोनों वहीं पर अवैध तौर पर रह कर काम करने लगे, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि वहां की सरकार द्वारा अवैध तौर पर रहने वाले प्रवासियों की गिरफ्तारी को लेकर धड़पकड़ आरंभ कर देगी और इसी के चलते जब वहां की इमीग्रेशन टीम ने पुलिस को लेकर उस बिल्डिंग में छापामारी की, जिसमें ये दंपति रहते थे।

तो इस दंपति ने गिरफ्तारी के डर से दसवी मंजील से छलांग लगा दी। जिस कारण उसकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कपील इस हादसें में गंभीर चोटे लगने से कौमा में चला गया। वहां की पुलिस ने उसकी पत्नी के शव को वहां के सरकारी अस्पताल के मर्चरी हाऊस में रखवा दिया और कपील को गंभीर अवस्था में उपचार के लिए दाखिल करा दिया। इस हादसें की सूचना जैसे ही करनाल के रहने वाले कपील के परिवार तक पहुंची तो मां बाप पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। 

सीएम सैनी और मनोहर लाल ने तुरंत लिया एक्शन | Karnal News

कपिल का भाई दीपक अपने जीजा मुकेश को लेकर एडवोकेट व वरिष्ठ पत्रकार विकास सुखीजा से मिलता है। जिस के बाद तुंरत बाद ही विकास सुखीजा ने इस परिवार की मदद के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मत्री नायब सिंह सैनी व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल नाम एक पत्र लिखा। जिसके तुंरत बाद उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री निवास पर सीएम से मिलने का समय मांगा ओर सीएम हरियाणा के स्टाफ ने भी तुरंत उन्हें चण्डीगढ़ सीएम साहब से मिलने के लिए बुला लिया। अगले ही दिन सुखीजा के नेतृृत्व में पीड़ित परिवार व गांव के सरपंच लखविंद्र सिंह की माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात हुई और मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल तक भी इस मामले को पहुंचाया गया। 

15 दिन के अंदर घायल कपिल व मृतक पत्नी का शव पहुंचा भारत | Karnal News

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सीएम नायब सैनी और एडवोकेट व वरिष्ठ पत्रकार विकास सुखीजा के सहयोग से 5 दिन के भीतर मलेशिया से मृतक पत्नी का शव स्वदेश पहुंचा और मात्र 15 दिन के अंदर कपील को भी इंडिया लाया गया। इधर कपील को ईलाज के लिए एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां पर उसकी कई सर्जरी हुई है। इस पूरे मामले को लेकर कपील की माता का कहना है कि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई भी उम्मीद नही थी कि लेकिन पत्रकार विकास सुखीजा व प्रदेश सरकार द्वारा उनकी जो मद्द की गई है उसे वे जिन्दगी भर याद रखेंगी। मैं उनका जितना धन्यवाद करूं कम है। इधर विकास सुखीजा भी ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल व हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद किया जिन्होंने इस मामले के तुरंत संज्ञान में आने के बाद पीड़ित परिवार को राहत दी। 

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