IAS Suspension Controversy: निलंबित IAS अधिकारी बी. अशोक का CM विजयन पर हमला!

आईएएस अधिकारी ने उठाए शासन में हस्तक्षेप व संसाधनों के उपयोग पर सवाल

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IAS Suspension Controversy: तिरुवनंतपुरम्। निलंबन की कार्रवाई के अगले ही दिन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. बी. अशोक ने राज्य की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन तंत्र में राजनीतिक हस्तक्षेप लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रशासनिक निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग में भी अनियमितताएं दिखाई दे रही हैं और नौकरशाही की स्वतंत्र कार्यप्रणाली पर दबाव बढ़ा है। Kerala News

मीडिया से संवाद के दौरान लगभग तीन दशकों का प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अशोक ने संकेत दिया कि उनका निलंबन केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में आईएएस एसोसिएशन द्वारा सरकार के विरुद्ध प्राप्त कानूनी सफलताओं से भी जुड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में एसोसिएशन ने कई मामलों में सफलता प्राप्त की, जिससे सरकार के साथ मतभेद स्पष्ट हुए। अशोक ने राज्य सरकार के प्रथम कार्यकाल और वर्तमान कार्यकाल के बीच अंतर रेखांकित करते हुए कहा कि पहले चरण में मंत्रिपरिषद और प्रशासन के बीच संतुलन बना हुआ था, जबकि वर्तमान समय में निर्णय प्रक्रिया में बदलाव देखा जा रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त अधिकारियों की भूमिका अब अधिक प्रभावशाली हो गई है, जिससे नियमित प्रशासनिक ढांचे पर असर पड़ रहा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे अपने निलंबन के विरुद्ध तत्काल न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटाएंगे। उनके शब्दों में, यह निलंबन उनके लिए एक “सम्मान चिह्न” के समान है, जो उनकी प्रशासनिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में इस विषय का न्यायोचित समाधान संभव होगा।

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के महीनों में कुछ प्रशासनिक कदम ऐसे उठाए गए हैं, जिनमें व्यापक प्रचार अभियानों के लिए भारी वित्तीय व्यय किया गया। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति प्रशासनिक मर्यादाओं के लिए चुनौतीपूर्ण है और इससे शासन व्यवस्था की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है। Kerala News

 

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