मंडी गोबिंदगढ़ के नितिन इन्सां ने बैंकॉक में फहराया तिरंगा, जीते 4 गोल्ड मैडल

एशिया ओशियानिया पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में मारी बाजी

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मंडी गोबिंदगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Mandi Gobindgarh News: मंडी गोबिंदगढ़ में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब शहर के होनहार दिव्यांग खिलाड़ी नितिन कुमार डागर इन्सां ने बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित एशिया ओशियानिया पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उसकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शहर में ढोल-नगाड़ों के साथ शानदार स्वागत किया गया। उल्लेखनीय है कि 15 वर्षीय नितिन इन्सां ब्लॉक मंडी गोबिंदगढ़, जिला फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला है और डी. मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल में दसवीं का विद्यार्थी है। इस संबंध में बात करते हुए नितिन इन्सां ने बताया कि इस प्रतियोगिता में लगभग 20 देशों के 43 खिलाड़ियों ने 2 से 12 अप्रैल तक भाग लिया, जिसमें उसने 65 किलोग्राम वजन वर्ग में चारों स्पर्धाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

नितिन ने बताया कि उसने 2 साल पहले पैरा पावरलिफ्टिंग की तैयारी शुरू की थी, अब तक वह सब-जूनियर कैटेगरी में जिला स्तर पर 3 गोल्ड, राज्य स्तर पर 3 गोल्ड और 1 सिल्वर, ‘खेडां वत्न पंजाब दियां’ में 1 सिल्वर और राष्ट्रीय स्तर पर 2 गोल्ड मेडल हासिल कर चुका है। ओपन कैटेगरी में उसने अपने से 20-30 साल बड़े खिलाड़ियों को भी मात दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में उसने दुबई में हुई यूथ एशियन पैरा गेम्स में 65 किलो वजन वर्ग में कांस्य पदक जीता था, जनवरी 2026 में पंजाब पैरा पावरलिफ्टिंग में चयन होने पर उसने सब-जूनियर और जूनियर दोनों वर्गों में गोल्ड मैडल जीते। नितिन इन्सां ने अपनी सफलता का श्रेय पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व अपने पिता दौलत राम और कोच संजीव शर्मा को दिया, उसकी कोचिंग मुख्य कोच जे.पी. सिंह, प्रदीप यादव, नितिन आर्या और राजेन्द्र सिंह रेहलों के नेतृत्व में हुई, जबकि पर्सनल कोच संजीव शर्मा हैं। नगर कौंसिल के पूर्व प्रधान हरजीत सिंह जीतू ने भी नितिन इन्सां को फूलों के हार से सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि नितिन इन्सां एमएसजी आईटी विंग टीनेज वॉरियर्स का सेवादार भी है।

पूज्य गुरु जी के आशीर्वाद से मिली यह सफलता: पिता दौलत राम

पिता दौलत राम ने भावुक होते हुए कहा कि उनका बेटा पहले भी पैरा ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुका है और बेटे की इस सफलता पर उन्हें बेहद गर्व है। उन्होंने कहा कि यह सब पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं से ही संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि खेलों में जाने से पहले वे पूज्य गुरु जी से मिले थे और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया था, जिनकी बदौलत उनका बेटा यह मेडल जीतने में सफल हुआ है। उन्होंने पूज्य गुरु जी का भी बहुत-बहुत धन्यवाद किया।

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