एडीजी दिनेश एमएन का नशा तस्करों के लिए फरमान! प्रॉपर्टी फ्रीज व कुर्की की कार्रवाई होगी तेज
बोले-नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए सजा तक पहुंचाना होगा लक्ष्य
हनुमानगढ़ (सच कहूँ/हरदीप सिंह)। नशा तस्करी में बार-बार लिप्त पाए जाने वाले आपराधिक तत्वों पर अब पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ) दिनेश एमएन ने संकेत दिए कि ऐसे आरोपियों के खिलाफ 68 एफ के तहत प्रॉपर्टी फ्रीज, संपत्ति कुर्क/सील करने की कार्रवाई तेज की जाएगी। जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए एडीजी दिनेश एमएन ने बुधवार को एसपी कार्यालय सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नशे के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए पुलिस अधिकारियों को क्राइम मीटिंग में निर्देशित किया गया है कि वे तस्करों की संपत्ति जब्त करने के साथ-साथ उन्हें सजा दिलाने पर भी ध्यान दें। Hanumangarh News
उन्होंने अधिकारियों को बेहतर इच्छाशक्ति और सुनियोजित रणनीति के साथ कार्य करने को कहा। एडीजी ने स्वीकार किया कि बीकानेर संभाग में नशे की समस्या बढ़ी है। साथ ही विदेश में बैठकर अपराध करने और ड्रोन के जरिए तस्करी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। हालांकि उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ जिला पुलिस अच्छा कार्य कर रही है और मामलों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। एनडीपीएस एक्ट के तहत भी प्रभावी कार्रवाई हुई है और इसे और मजबूत करने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है।
गैंग्स पर डीवाईएसपी स्तर की टीम लेगी एक्शन
एडीजी दिनेश एमएन ने नशे को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि अधिकारियों को केवल केस दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तस्करों की संपत्ति जब्त कर उन्हें सजा दिलाने तक कार्रवाई करनी होगी। गैंग्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीवाईएसपी स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी देकर उनके अधीन विशेष टीम गठित की जाएगी। अनसुलझे हत्या मामलों के खुलासे के लिए भी विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। स्पेशल साइबर टीम की मदद से लंबित मामलों को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। भादरा में फर्जी आधार कार्ड सेंटर के खुलासे पर एडीजी ने कहा कि वहां कई फर्जी आधार बनाए गए थे और संदिग्धों की पहचान की जा रही है। अंबाला में पकड़े गए आतंकियों की ओर से हनुमानगढ़ में विस्फोट की साजिश रचने की चर्चाओं के सवाल पर एडीजी ने कहा कि फिलहाल इस संबंध में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच एटीएस, स्टेट इंटेलिजेंस व केन्द्रीय एजेंसियां कर रही हैं।
बनेगा अपराधियों का डेटा बैंक
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि जिले के अपराधियों के फिंगर प्रिंट का डेटा बैंक बनाया जाएगा ताकि अपराध होने पर मामले का जल्द खुलासा हो सके। एडीजी ने कहा कि सीमा पार से संचालित तस्करी में शामिल तत्वों को भी स्लीपर सेल के रूप में देखा जा रहा है और पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। एडीजी ने बताया कि अपराधी पुलिस को भ्रमित करने के लिए अलग-अलग रूट अपनाते हैं, लेकिन सर्विलेंस भी लगातार बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने जिले में जाप्ते की कमी का मुद्दा उच्च अधिकारियों के समक्ष रखने और नफरी बढ़ाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में अपराध रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए और यदि अपराध होता है तो आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही साइबर जागरूकता अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरेन्द्र सिंह मीना, अरविन्द बिश्नोई व सुधा पालावत भी मौजूद रहे। Hanumangarh News
