बरनाला बस स्टैंड की दयनीय ‘कहानी’, न चल रहे पंखे, न पीने के लिए ‘ठंडा पानी’
रोजाना बसों से सफर करने वाली सवारियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा
बरनाला (सच कहूँ/जसवीर गहल)। Barnala News: नगर सुधार ट्रस्ट अधीन चल रहा बरनाला का मुख्य बस स्टैंड दूर से देखने में भले ही थोड़ा अच्छा लग रहा हो, लेकिन बस स्टैंड जमीनी हालत किसी भी सवारी को आराम देने वाली नहीं है। जिसके कारण सवारियों को अपने अगले सफर के लिए कुछ पल बस का इंतजार करना भी दुश्वार हो रहा है। एकत्रित जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट द्वारा संबंधित बस स्टैंड से कैंटीनों और अड्डा फीस आदि विभिन्न साधनों से हर माह लाखों रुपये की कमाई की जा रही है, लेकिन सवारियों को बुनियादी सुविधाएं देने के मामले में पूरी तरह से हाथ पीछे खींच रखा है। जिससे रोजाना बसों से सफर करने वाली सवारियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
इस प्रतिनिधि द्वारा की गई पड़ताल के दौरान सामने आया कि संबंधित बस स्टैंड में सवारियों को गर्मी से बचाने के लिए लगाए गए पंखों में से बड़ी संख्या में पंखे ही गायब हैं। जिस पर ट्रस्ट के अधिकारी अनजान हैं। कुछ पंखे जो बस स्टैंड के अंदर लटके हैं, भारी गर्मी होने के बावजूद भी बंद पड़े हैं। जिससे छाया वाली जगह पर बैठना भी मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा, बस स्टैंड के अंदर यात्रियों के लिए पीने के ठंडे पानी का प्रबंध भी ‘गोंगलुओं से मिट्टी उतारने’ जैसा है। जिससे प्यास से तड़प रहे यात्रियों को कैंटीनों से मजबूरीवश बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है। इनके अलावा, सवारियों के बैठने के मौजूदा प्रबंध भी नाकाफी हैं। बस स्टैंड का पार्क भी अपनी दयनीय हालत पर आंसू बहा रहा है, जिसे अनाज मंडी वाले पास के दुकानदारों ने कूड़ा डंप बना रखा है। यही हालात बस स्टैंड की मुख्य इमारत के हैं, जहाँ डस्टबिन की कमी के कारण सफाई का भी बुरा हाल है।
जबकि ट्रस्ट अधिकारी और कर्मचारी अपने दफ्तरों में एसी की ठंडी हवा का लुत्फ उठा रहे हैं। बस स्टैंड की इस दयनीय स्थिति से अनजान होते हुए ट्रस्ट के अधिकारी अपनी लापरवाही का ठीकरा अपने नीचे के कर्मचारियों के सिर फोड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय बस स्टैंड लुधियाना, बठिंडा, मानसा, संगरूर आदि बड़े शहरों को जाने-आने के लिए मुख्य आवागमन का केन्द्र है, लेकिन यहाँ बुनियादी सुविधाओं की बड़ी कमी प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है। इसलिए बस स्टैंड में तुरंत पंखे चलवाए जाएं, पीने के लिए ठंडे पानी और बैठने की सुविधा मुहैया करवाई जाए और सफाई का भी खास ध्यान रखा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
तुुरंत हो हल
गाँव राजगढ़ की निवासी वीरपाल कौर ने कहा कि वह रोजाना यहाँ से बस के जरिए सफर करती हैं। जिसके लिए उन्हें सुबह-शाम बस स्टैंड में कुछ पल रुकना पड़ता है, जहाँ भारी गर्मी के बावजूद न पंखे चलते हैं और न ही बैठने के उचित प्रबंध हैं। यहाँ तक कि पीने के ठंडे पानी को भी सवारियों को तरसना पड़ता है। उन्होंने समस्याओं के जल्द हल की मांग की।
चेयरमैन मामले से अनजान
मिलकर पक्ष लेने के मौके पर ट्रस्ट के चेयरमैन राम तीर्थ मन्ना ने मामले से अनजानता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मामला उनके ध्यान में आ गया है, जल्द ही बस स्टैंड में सवारियों को पीने के ठंडे पानी, पंखों, बैठने और अन्य समस्याओं से निजात मिल जाएगी।