Haryana: हरियाणा के इस गांव की पंचायत ने किया ऐसा काम जिसकी सोशल मीडिया पर हो रही प्रशंसा

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Haryana:  जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। गांव चांदपुरा में खंडहर में तब्दील हो चुकी व्यायामशाला अब ग्रामीणों की सेहत संवारने के लिए फिर से तैयार हो गई है। इसकी शुरूआत एक अखबार में छपी एक खबर से हुई। राष्ट्रीय दैनिक ‘सच कहूँ’ ने जब “अनदेखी की भेंट चढ़ी चांदपुरा की व्यायामशाला” नामक न्यूज प्रकाशित की, तो पंचायत और प्रशासन की नींद खुली। अब इस खंडहर को गांव की नई ओपन जिम और सैरगाह में बदल दिया गया है। प्रदेश सरकार ने साल 2018 में गांवों में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 309 व्यायामशालाएं बनवाई थीं। चांदपुरा और चूहड़पुर में भी करीब 30-30 लाख रुपये खर्च कर व्यायामशालाएं तैयार की गईं। लेकिन देखरेख के अभाव में ये ढांचे कुछ ही समय में जर्जर हो गए। ना मैदान समतल हुआ, ना ही भवनों की मरम्मत हुई, यहां तक कि बाथरूम और पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों सहित ब्लॉक समिति सदस्य रामचन्द्र का कहना है कि पंचायत की इस पहल से जहां युवाओं को खेलों की ओर बढ़ने का मौका मिलेगा, वहीं महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भी फिट रहने की सुविधा मिलेगी।

गांव के सरपंच ने उठाया बीड़ा | Haryana

गांव चांदपुरा के युवा सरपंच अमरीक सिंह ग्रेवाल ने इस व्यायामशाला को फिर से संवारने का संकल्प लिया। पंचायत की ओर से करीब 12 लाख रुपए खर्च कर इसकी कायाकल्प की गई है। अब यहां ओपन जिम, झूले, पक्की पगडंडी और सुंदर पेड़-पौधे लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए बनी सहूलियत

सरपंच ग्रेवाल ने बताया कि व्यायामशाला में महिलाओं और बच्चों के लिए ओपन जिम के साथ-साथ झूले लगाए गए हैं। बुजुर्गों की सुविधा के लिए चारों ओर पक्की पगडंडी बनवाई गई है, जिससे वे सुबह-शाम टहल सकें।

सेहत के साथ जागरूकता भी बढ़ेगी

ग्रामीणों के लिए लगाए गए ओपन जिम में विभिन्न प्रकार के फिटनेस उपकरण लगाए गए हैं। लोग बिना किसी ट्रेनर के अपनी सुविधानुसार कसरत कर सकते हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, बल्कि गांवों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाना भी है।

ग्रामीणों ने सच कहूँ का जताया आभार

गांव के खिलाड़ियों और युवाओं ने सच कहूँ समाचार पत्र का धन्यवाद किया, जिसने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। साथ ही सरपंच अमरीक ग्रेवाल की सक्रियता की सराहना की, जिन्होंने बातों से नहीं, काम से बदलाव लाया।

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