Student Union Election: 8 साल बाद होंगे छात्र संघ चुनाव, 15 अक्टूबर को मतदान; जानें नए नियम
आठ साल बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 15 अक्टूबर को होंगे छात्र संघ चुनाव
भुवनेश्वर (एजेंसी)। Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि उच्च शिक्षा विभाग के तहत आने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र संघ चुनाव 15 अक्टूबर को कराए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, राज्य में आठ साल के अंतराल के बाद छात्र संघ चुनाव होने जा रहे हैं।
तय कार्यक्रम के मुताबिक, कॉलेज 7 अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी करेंगे। 9 अक्टूबर को नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे और उसी दिन उनकी जांच भी होगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर होगी और इसी दिन उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।
इस बीच, 'व्हाई आई स्टैंड फॉर' बैठक 14 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। मतदान 15 अक्टूबर को होगा। उसी दिन वोटों की गिनती के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। नवनिर्वाचित छात्र संघ सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह 16 अक्टूबर को होगा।
ओडिशा में नियमित छात्र संघ चुनाव आखिरी बार 2017 में हुए थे। वर्ष 2018 में कैंपस हिंसा की कई घटनाओं और बाद में आए चक्रवात तितली के कारण चुनाव रद्द कर दिए गए थे। इसके बाद कोविड-19 महामारी और फिर राज्य में सरकार बदलने के दौरान चुनाव प्रक्रिया स्थगित रही।
अधिसूचना में कैंपस चुनाव के लिए कई दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके तहत छात्र संघ चुनाव और छात्र प्रतिनिधित्व को राजनीतिक दलों से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। प्रत्येक उम्मीदवार अधिकतम 5,000 रुपए खर्च कर सकेगा और राजनीतिक दलों से किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं ले सकेगा।
आचार संहिता के तहत प्रिंटेड पोस्टर और पर्चे इस्तेमाल करने, जाति या समुदाय के नाम पर वोट मांगने, मतदाताओं को रिश्वत देने या डराने-धमकाने पर रोक रहेगी। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार भी नहीं किया जा सकेगा।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवार सोशल मीडिया पर झूठी, भ्रामक, छेड़छाड़ की गई या एआई से तैयार फर्जी सामग्री का इस्तेमाल भी नहीं कर सकेंगे।
एक अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान के मुताबिक, केवल योग्य नियमित छात्र ही चुनाव लड़ सकेंगे। स्नातक छात्रों की उम्र 17 से 22 वर्ष के बीच होनी चाहिए जबकि स्नातकोत्तर छात्रों के लिए अधिकतम उम्र 25 वर्ष तय की गई है। उम्मीदवार की कक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति होनी चाहिए और चुनाव लड़ने वाले वर्ष में उसका कोई शैक्षणिक बकाया नहीं होना चाहिए।
डिस्टेंस एजुकेशन या पीपीपी मोड के पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्र चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसके अलावा उम्मीदवार का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए।
मतदान खत्म होने के 48 घंटे के भीतर मतदान क्षेत्र की सफाई के लिए उम्मीदवार संयुक्त रूप से जिम्मेदार होंगे। ऐसा नहीं करने पर प्रत्येक उम्मीदवार पर 1,500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
चुनाव संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी या चुनाव जीतने के बाद उसका पद रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित शिक्षण संस्थान की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।