अमरजीत कौर इन्सां का नाम भी शरीरदानियों की सूचि में शामिल 

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पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा श्रद्धालु कर रहे मानवता भलाई का कार्य

  • इसी घर से पहले भी 2 दिन के बच्चे की मृत देह की जा चुकी है दान

मोगा (सच कहूँ/विक्की कुमार)। Body Donation: मोगा के गांव लंढे के से माता अमरजीत कौर इन्सां, पत्नी गुरबचन सिंह इन्सां के मरणोपरांत उनके परिवार ने उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल शोध के लिए दान कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गतदिवस माता अमरजीत कौर इन्सां अपनी स्वासों रूपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरण कमलों में सचखंड जा बिराजे। इसके उपरांत उनके पति गुरबचन सिंह इन्सां, पुत्र जसवीर सिंह इन्सां, हरप्रीत सिंह इन्सां व गुरप्रीत सिंह इन्सां ने ब्लॉक मोगा के जिम्मेवार सेवादारों से बात कर माता अमरजीत कौर इन्सां के पार्थिव शरीर को द्रोणाचार्य आयुर्वेदिक एजुकेशन इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल, खुशालीपुर, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को मेडिकल शोध हेतु दान कर दिया।

इस दौरान नगर के गणमान्यजन तथा विशेष रूप से पहुंचे डॉ. बलविंदर सिंह ने पूज्य गुरु जी द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई के 175 कार्यों भरपूर प्रशंसा करते हुए कहा कि शरीर दान करना डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों पर बहुत बड़ा उपकार है, जिससे आने वाले समय में पूरी मानवता को लाभ होगा। डेरा सच्चा सौदा की पावन प्रेरणाओं के चलते माता अमरजीत कौर इन्सां की अर्थी को उनकी पुत्रवधूओं और बेटियों ने कंधा दिया।

माता अमरजीत कौर इन्सां की पार्थिव देह वाली एम्बूलैंस के रवाना होने के समय शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादारों और साध संगत ने पवित्र शाही नारा लगाकर फूलों की वर्षा की, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
सच्चे नम्र सेवादार गुरजीत सिंह इन्सां, बहन सुखजिंदर कौर इन्सां व आशा रानी इन्सां ने बताया कि इससे पहले भी इस परिवार द्वारा 2 दिन के बच्चे की मृत देह तथा एक बुजुर्ग माता के नेत्र दान किए जा चुके हैं। उन्होंने डेरा सच्चा सौदा के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि माता अमरजीत कौर इन्सां की जो मृत देह दान की गई है, वह सम्पूर्ण मानवता के लिए बहुत बड़ी सेवा है। परिवार की इस सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा। Body Donation

इस मौके पर विशेष रूप से पहुंचे निर्मल सिंह प्रधान और लेक्चरार बलविन्द्र सिंह ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। इस सेवा कार्य को करने के लिए बहुत बड़े हौसले की आवश्यकता होती है, क्योंकि ऐसा नेक कार्य रूढ़िवादी सोच से ऊपर उठकर समाज के वहम-भ्रम को पीछे छोड़कर ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मैं डेरा श्रद्धालुओं में इतनी बड़ी सोच को उजागर करने वाले डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ, जिनकी अच्छी शिक्षा के कारण मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को बहुत बड़ा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साध संगत और सेवादार उपस्थित थे।

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