Body Donation: नंद लाल इन्सां ने मरणोपरांत निभाया इंसानियत का फर्ज

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परिवार ने मृतक देह मेडिकल शोध के लिए दान की

  • नेत्रदान से दो अंधेरी जिंदगियों में आएगी रोशनी

रायकोट (सच कहूँ/शमशेर सिंह)। Body Donation: पंजाब के रायकोट ब्लॉक के एक डेरा सच्चा सौदा श्रद्धालु परिवार ने अपने बुजुर्ग नंद लाल इन्सां की अंतिम इच्छा को पूरी करते हुए उनकी मृत देह और नेत्र दान किए। इस नेक कार्य से न केवल मेडिकल शिक्षा के विद्यार्थियों को लाभ होगा, बल्कि दो अंधेरी जिंदगियों में भी रोशनी आएगी। Raikot News

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायकोट ब्लॉक के गांव न्यू आबादी अकालगढ़ के डेरा श्रद्धालु नंद लाल इन्सां का अचानक निधन हो गया था। उन्होंने जीवित रहते हुए अपनी मृत्यु के बाद शरीर को मेडिकल खोज के लिए दान करने का प्रण लिया था। उनके परिवार ने उनकी इस अंतिम इच्छा को पूरी करते हुए उनकी मृत देह को मेडिकल रिसर्च के लिए स्कूल आॅफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) को दान कर दिया।

इसके साथ ही उनकी आंखें पुनर्जोत आई बैंक, डॉ. रमेश सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल एंड लेसिक सेंटर, लुधियाना को दान की गईं, जिससे दो लोगों की जिंदगी में रोशनी आएगी। उनकी मृत देह को एम्बुलेंस के माध्यम से नगर में परिक्रमा के दौरान शरीरदानी नंद लाल इन्सां अमर रहें के नारों की गूंज के बीच शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों और ग्रामीणो की उपस्थिति में रवाना किया। Raikot News

नंद लाल इन्सां की धर्मपत्नी परमजीत ने बताया कि उन्हें अपने पति पर गर्व है, क्योंकि उनकी दान की गई आंखों से दो अंधेरी जिंदगियों में रोशनी आएगी। इस अवसर पर सच्चे नम्र सेवादार जसवीर इन्सां (लुधियाना), सुखविंदर इन्सां, परमजीत इन्सां, परिजनों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार भाई-बहन उपस्थित थे। रायकोट ब्लॉक से अब तक कुल 12 मृत देह मेडिकल खोज के लिए दान की जा चुकी हैं।

नेत्रदान से रोशन होंगी जिंदगियां: आई बैंक प्रभारी

आई बैंक के प्रभारी डॉ. रछपाल सिंह ने बताया कि नंद लाल इन्सां की दान की गई आंखें दो लोगों की अंधेरी जिंदगी को रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक ये लोग जीवित रहेंगे, उनकी आंखें इस रंगीन दुनिया को देखती रहेंगी। उन्होंने परिवार का तहेदिल से धन्यवाद किया। पंच रजिंदर सिंह ने कहा कि नंद लाल इन्सां के परिवार द्वारा उनकी आंखें और मृत देह दान करना एक अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। इससे नगर और समाज को एक नई दिशा मिलेगी।

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