‘किसान धान की सिर्फ पीआर किस्में उगाएं, भूमिगत पानी बचाएं’

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पीएयू में सरकार-किसान मिलनी में शामिल हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान, कहा-

लुधियाना (सच कहूँ/जसवीर सिंह गहल)। सीएम भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने पीएयू में ‘सरकार-किसान’ मिलनी दौरान भूमिगत पानी के गिर रहे स्तर पर गहरी चिंता प्रकट की। उन्होंने आगामी सीजन दौरान खास तौर पर किसानों को पानी की बचत करने व पीएयू द्वारा सिफारिश पीआर किस्मों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज हमें मिल- बैठकर पंजाब को फिर से रंगला पंजाब बनाने के लिए बात करने की जरूरत है। न कि उनकी जिन्होंने पंजाब को, कृषि को बर्बाद कर दिया। Ludhiana News

उन्होंने कहा कि पंजाब में पानी पर 153 ब्लॉक हैं, जिनमें 117 खतरे में हैं। जिसका मुख्य कारण धान है, जो पिछले 25 सालों में 20 लाख हैक्टेयर से बढ़कर 32 लाख हैक्टेयर पर पहुंच गया है व यह पंजाबियों की खुराक भी नहीं, लेकिन हम इसे उगाने के लिए प्रति एक किल्लो चार हजार लीटर पानी का इस्तेमाल करते हुए पानी खत्म कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ गांवों में से जहां से नहरें गुजरती हैं, को मोघे देने के लिए भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बासमती का पंजाब में 5 लाख 96 हजार हैैक्टेयर रकबा था जो बढ़कर 6.80 लाख पर पहुंच गया है व देश भर में सबसे अच्छी किस्म मानी जाती है, जिसके एक्सपोर्ट पर बीते वर्ष 5837 मिलियन अमरीकी डॉलर पंजाब को मिले हैं। उन्होंने कहा कि बासमती पर भले ही एमएसपी नहीं लेकिन यह 4000 से 4500 रूपये बिक जाती है है।

इसलिए सरकार ने फैसला लिया है कि बासमती की फसल के भाव पर कैप लाएगी, और बासमती पंजाब सरकार खरीदेगी। उन्हां किसानों को पीआर-114, पीआर-121, पीआर-122, पीआर-126, पीआर-127, पीआर-128, पीआर-129, पीआर-130, पीआर-131 व पीआर-132 बीजने का सुझाव व बासमती उगाने के साथ साथ बसंत ऋतु मक्की की काश्त को न कहने की भी अपील की। इस मौके कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां व गुरमीत सिंह खुड्डियां, राज्य सभा मैंबर संजीव अरोड़ा, किसान भलाई के प्रशासकीय सचिव बसंत गर्ग, डिप्टी कमिशनर हिमांशू जैन, डॉ. जेपीएस गिल व अन्य मौजूद थे।

कौन, कब से कर सकेंगे धान की रोपाई | Ludhiana News

सीएम मान ने कहा कि सरकार ने पंजाब को तीन जोनों में बांटा है, जिसके तहत किसानों को धान की रोपाई के लिए कम से कम 8 घंटे निर्विघ्न बिजली सप्लाई मिलेगी व नहरी पानी की भी कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले जोन में फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिबा व फाजिल्का में एक जून से धान की रोपाई शुरू की जा सकेगी। वहीं दूसरे जोन में गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रूपनगर, एसएएस नगर मोहाली, फतेहगढ़ व होशियारपुर 5 जून को। जबकि लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, बरनाला, पटियाला, संगरूर, कपूरथला, जालंधर व शहीद भगत सिंह नगर (नवां शहर) तीसरे व आखिरी जोन में 9 जून से धान लगा सकेंगे।

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