बारिश-ओलावृष्टि से धान की फसल को भारी नुकसान

किसानों ने सरकार से की 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

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रामां मंडी, सच कहूँ/सतीश जैन। Bathinda News: बीते दिन अचानक हुई बेमौसमी बारिश, तेज ओलावृष्टि और आंधी ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल पर कुदरत की मार पड़ने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण धान की पैदावार बुरी तरह प्रभावित हुई है। शुरूआती अनुमान के मुताबिक, लगभग 20 से 25 प्रतिशत फसल पूरी तरह खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण नुकसान और बढ़ने का अनुमान है। कई खेतों में धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। फसल के जमीन पर गिरने और खेतों में पानी भरने के कारण अब कंबाइन मशीनों से कटाई करना बेहद मुश्किल हो गया है। इससे न केवल फसल के दाने झड़कर खराब हो रहे हैं, बल्कि दानों में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण मंडियों में फसल बेचते समय भी किसानों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

इस बेमौसमी मार से विशेष रूप से गांव बाघा, तरखाणवाला, बंगियां, सुखलद्धी, सेखू और आसपास के कई अन्य गांवों में भारी नुकसान हुआ है। इन गांवों के खेतों में खड़ी फसल तबाही का मंजर पेश कर रही है। महंगे बीज, डीजल, खाद और मजदूरी पर खर्च करने के बाद पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों के लिए यह ओलावृष्टि भारी मुसीबत बनकर आई है। 

किसान बोले, अब तो लागत खर्च निकालना भी हुआ मुश्किल 

किसानों का कहना है कि अब उनके लिए लागत खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है, जिससे वे कर्ज के और गहरे जाल में फंस सकते हैं। गांव बाघा के नंबरदार जस्सा सिंह ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में तुरंत विशेष गिरदावरी करवाने के आदेश दिए जाएं। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को इस आर्थिक संकट से कुछ राहत मिल सके।

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