मोहल्ला निम वाली घाटी बना नशा तस्करों का गढ़

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सरकार बदलने के बावजूद भी नहीं पड़ा कोई फर्क

तरनतारन। मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की ओर से जहां प्रदेश में से एक हफ्ते में नशों को खत्म करने की ली शपथ कांग्रेस सरकार के तीन माह बीत जाने के बावजूद भी पूरी नहीं हुई वहीं सरकार के आदेशों पर पुलिस प्रशासन भी नशा तस्करों और नशों को खत्म करन के बड़े बड़े दावे कर रहा है।

अगर जमीनी हकीकत की बात करें तो ऐतिहासिक नगर श्री गोइन्दवाल साहब का मोहल्ला निम वाली घाटी नशा तस्करों का गढ़ बना हुआ है। यहां दर्जन के करीब घर सीधे तौर पर नशा तस्करी के साथ जुड़े हुए हैं, जिनके उपर थाना गोइन्दवाल साहब में अनेकों मामले अंतर्गत दर्ज हैं परंतु पिछले कुछ समय से यह नशा तस्कर फिर से पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं

जो अपना पुश्तैनी धंधा छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इस मोहल्ले में देसी दारू से लेकर हेरोइन, स्मैक तक के हर छोटे-बड़े नशो का कारोबार बेरोक जारी है। पुलिस प्रशासन की ओर से खानापूर्ति के लिए इस मोहल्ले में छापेमारी तो की जाती है परंतु अफसोस पुलिस की ओर से नशा तस्करों के पास से रिकवरी न होने का बहाना बना कर नशा तस्करों को छोड़ दिया जाता है जो फिर से आकर नशों का धंधा जारी रखते हैं।

नशा तस्करों को जेल का रास्ता दिखाया जाएगा: थाना प्रभारी

इस बारे में थाना गोइन्दवाल साहब के मुख्य अधिकारी सुखइन्दर सिंह ने कहा कि निंम वाली घाटी में बिकने वाले नशे संबंधी कई शिकायतें मिलीं हैं, जिसके चलते पुलिस पार्टी की ओर से कई बार छापेमारी की गई है। उन्होंने कहा कि नशो का कारोबार करने वालों को हरगिज बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें जेल का रास्ता दिखाया जाएगा।

गौरतलब है कि जिले के नये एसएसपी दर्शन सिंह मान की ओर से पद संभालते ही सीमावर्ती जिले में से नशा और नशा तस्करों को खत्म करने के लिए दिए बयान के साथ ऐतिहासिक नगर के लोगों को कुछ उम्मीद जागी है कि शायद जिले के नये एसएसपी इस ऐतिहासिक नगर के मोहल्ला निंम वाली घाटी में बिकने वाले नशों और नशा तस्करों को लगाम लगाएंगे।

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