अनदेखी: सरकारी हाई स्कूल गहल के 150 विद्यार्थी भविष्य को लेकर चिंतित

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स्कूल में स्वीकृत मुख्य अध्यापक सहित 18 पदों में से 10 खाली

महल कलां/बरनाला (सच कहूँ/जसवीर गहल)। Mehal Kalan News: जिला बरनाला के ऐतिहासिक गांव गहल के सरकारी हाई स्कूल में अध्यापकों की कमी गंभीर रूप धारण कर चुकी है, जिसके कारण स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार स्कूल में दो एसएसटी, एक गणित और एक हिंदी अध्यापक के पद के अलावा क्लर्क, सेवादार, स्वीपर और चौकीदार के पद भी खाली हैं। इस समय 150 से अधिक विद्यार्थियों को केवल 8 अध्यापक पढ़ा रहे हैं, जिससे पाठ्यक्रम समय पर पूरा करना मुश्किल हो गया है। Barnala News

विद्यार्थियों और अभिभावकों का कहना है कि कक्षाएँ नियमित न लगने के कारण उन्हें विभिन्न विषयों की निजी ट्यूशन लगवानी पड़ रही है। कई अभिभावकों ने चिंता जताई है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो उन्हें बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में करवाना पड़ेगा। Barnala News

वहीं दूसरी ओर अध्यापकों पर पढ़ाने के अलावा विभिन्न सरकारी ड्यूटियां भी लगाई जा रही हैं। बीएलओ, सर्वे और अन्य डाटा संग्रह संबंधी कार्यों के कारण वे परीक्षा के समय भी पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे। साथ ही टीईटी परीक्षा की तैयारी भी अध्यापकों के लिए अतिरिक्त दबाव बन रही है, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की तैयारी पर पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने सरकार से मांग की है कि स्कूल में तुरंत अध्यापकों की भर्ती कर तैनाती की जाए तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए, ताकि सरकारी स्कूलों पर लोगों का विश्वास कायम रहे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य अध्यापक सहित स्कूल में कुल 18 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 10 पद लंबे समय से खाली हैं। वर्तमान में केवल 8 अध्यापक 150 विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी सुनीतइन्द्र सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों से बातचीत कर अध्यापकों की कमी जल्द पूरी करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और शीघ्र ही आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। Barnala News

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