Body Donation: मरणोपरांत देहदान कर पूर्व पार्षद के भाई ने पेश की मानवता की अनूठी मिसाल

बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा देकर निभाया कर्तव्य

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Body Donation: हनुमानगढ़ (सच कहूँ/हरदीप सिंह)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की ओर से चलाई जा रही 'अमर सेवा मुहिम' के तहत हर रोज एक नया दधीचि सामने आ रहा है। पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा के लाखों सेवादार अपने शरीर को दान कर दधीचि बनने का प्रण ले चुके हैं। दधीचियों की इसी श्रृंखला में हनुमानगढ़ ब्लॉक के डेरा सच्चा सौदा सेवादार वकील चन्द बाघला (83) पुत्र न्यामत राय बाघला ने अपना नाम शामिल करवाया। जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का प्रण लेने वाले वकील चन्द बाघला के परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर इंसानियत का फर्ज निभाया।

जानकारी के अनुसार पूर्व पार्षद मदन बाघला इन्सां के भाई एवं सुरेन्द्र बाघला इन्सां के पिता वकील चन्द बाघला निवासी राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, हनुमानगढ़ जंक्शन रविवार को अपनी सांसों रूपी पूंजी पूरी करते हुए कुल मालिक के चरण कमलों में सचखण्ड जा विराजे। उनकी अंतिम इच्छा एवं पूज्य गुरु जी के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए परिवारवालों ने सोमवार को सचखण्डवासी वकील चन्द बाघला की पावन देह मेडिकल खोजों के लिए अजय सांगल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, मेरठ करनाल रोड, ग्राम राज्जक नगर, कस्बा झिंझाना, तहसील कैराना, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) को दान कर एक अनोखी मिसाल कायम की।

नम आंखों से दी अंतिम विदाई

वकील चन्द बाघला को अंतिम विदाई देने के लिए ब्लॉक के सच्चे नम्र सेवादार, सच्ची प्रेमी समिति के सदस्य, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के सेवादार, रिश्तेदार, साध-संगत एवं परिचित उनके आवास पर एकत्रित हुए। डेरा सच्चा सौदा की मर्यादानुसार विनती का भजन बोलकर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान माहौल गमगीन रहा और परिजनों एवं मौजूद लोगों ने नम आंखों से सचखण्डवासी वकील चन्द बाघला को श्रद्धांजलि अर्पित की।

बेटियों ने पिता की अर्थी को दिया कंधा

इससे पूर्व पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर बेटियों को मिले अधिकार के तहत वकील चन्द बाघला की बेटियों शिमला रानी एवं संतोष देवी ने अपने पिता की अर्थी को कंधा देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। बेटियों की ओर से पिता की अंतिम यात्रा में अर्थी को कंधा देने का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक कर देने वाला रहा। सचखण्डवासी वकील चन्द बाघला के परिजनों एवं अन्य लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।

अंतिम यात्रा में गूंजे 'वकील चन्द बाघला अमर रहे' के नारे

एंबुलेंस में सचखण्डवासी वकील चन्द बाघला के पार्थिव शरीर को रखकर अंतिम यात्रा उनके निवास से लेकर श्रीगंगानगर रेलवे फाटक पर बने अंडरब्रिज के नजदीक तक निकाली गई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में डेरा श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस दौरान हर किसी के मुख पर मानवता के सच्चे प्रहरी वकील चन्द बाघला का नाम था। 'वकील चन्द बाघला अमर रहे... अमर रहे...' के नारों से वातावरण गूंज उठा। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हर किसी का हाथ अपने आप सलामी के लिए उठ रहा था।

मेडिकल रिसर्च के लिए देहदान को बताया सराहनीय पहल

इस मौके पर मौजूद विधायक गणेश राज बंसल, पूर्व पार्षद बलराज सिंह दानेवालिया सहित गणमान्य नागरिकों ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाई गई शरीरदान मुहिम वास्तव में काबिले तारीफ है। एक डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी का होना बहुत जरूरी है। ऐसे में डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों की ओर से ऐसी घड़ी में अपना शरीर दान करना दूसरों के लिए भी मिसाल पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि वकील चन्द बाघला का देहदान समाज के लिए प्रेरणादायी है और इससे मेडिकल खोज एवं भावी चिकित्सकों की शिक्षा में भी योगदान मिलेगा। सभी ने सचखण्डवासी वकील चन्द बाघला के इस संकल्प एवं परिवार की ओर से उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए किए गए देहदान को मानवता की सेवा की अनूठी मिसाल बताया।

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