चने की नई देसी किस्म मूमल विकसित करने पर डॉ. विजय प्रकाश सम्मानित

Published On

अखिल भारतीय रबी दलहन कार्यशला में प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

श्रीगंगानगर। कृषि अनुसंधान केन्द्र, श्रीगंगानगर की चना परियोजना द्वारा विकसित चने की नई देसी किस्म जी.एन.जी. 2461 (मूमल) को भारत के उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जम्मू) के वर्षा पोषित (बारानी) क्षेत्रों के लिये फसल मानकों, अधिसूचना और किस्म जारी करने पर केन्द्रीय उपसमिति द्वारा अभिशंसा की गई है। Sri Ganganagar News

यह किस्म कृषि अनुसंधान केन्द्र, श्रीगंगानगर के वरिष्ठ चना प्रजनक डॉ. विजय प्रकाश के नेतृत्व में के.डब्ल्यू.आर. 108 व जी.एन.जी. 1861 के एकल संकरण का दूसरे एकल संकरण पंत जी. 186 व जी.एन.जी. 1958 के मध्य दोहरे संकरण द्वारा वंशावली चयन विधि से तैयार की गई है। इस किस्म का दाना मोटा व भूरे रंग का होता है व 100 दानों का औसत भार लगभग 24.5 ग्राम होता है। इस किस्म के विकास में चना प्रजनक डॉ. विजय प्रकाश के साथ-साथ शस्य वैज्ञानिक डॉ. दषरथ प्रसाद, डॉ. रूपेष कुमार मीणा व कीट वैज्ञानिक डॉ. रूपसिंह मीणा का भी परीक्षणीय सहयोग रहा है।

कृषि अनुसंधान केन्द्र, श्रीगंगानगर के क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ. विजय प्रकाश देश के ख्याती प्राप्त प्रजनक है जो पिछले 25 वर्षो से चने की विभिन्न किस्मों के शोध में लगे हुये हैं । इनके द्वारा अब तक 12 चने की किस्मों का विकास किया जा चुका है, जिसमें 8 किस्म राष्ट्रीय स्तर पर व 4 किस्म राज्य स्तर पर अधिसूचित हैं । डॉ. विजय प्रकाश द्वारा विकसित चने की किस्म जी.एन.जी. 1581 (गणगौर) न केवल राजस्थान राज्य में बल्कि पड़ौसी राज्यों में भी काफी लोकप्रिय है। Sri Ganganagar News

डॉ. विजय प्रकाश ने सिंचित क्षेत्रों के लिये जी.एन.जी. 1581 (गणगौर), जी.एन.जी. 2171 (मीरा), पिछेती बिजाई हेतु जी.एन.जी. 1488 (संगम), जी.एन.जी. 2144 (तीज) व जी.एन.जी. 2261 (केषव) काबुली चना की जी.एन.जी. 1292, जी.एन.जी. 1499 (गौरी) व जी.एन.जी. 1969 (त्रिवेणी) व बारानी क्षेत्रों के लिये जी.एन.जी. 2461 (मूमल) का विकास किया है। भारत में विकसित चने की 87 किस्मों में से विश्वविध्यालय द्वारा विकसित चने की विभिन्न किस्मों के प्रजनक बीज की मांग लगभग 24 प्रतिशत है, जो कि एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

डॉ. विजय प्रकाश के नेतृत्व में कृषि अनुसंधान केन्द्र, श्रीगंगानगर की चना परियोजना को वर्ष 2016 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली के स्थापन दिवस के अवसर पर चौधरी देवीलाल बेस्ट एक्रिप सेन्टर का पुरूस्कार भी मिल चुका है। दिनांक 03.09.2023 को महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ राहुरी (महाराष्ट्र) में सम्पन्न अखिल भारतीय रबी दलहन कार्यशला में डॉ. विजय प्रकाश को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है। Sri Ganganagar News

यह भी पढ़ें:– CP Joshi: ऐतिहासिक बहुमत का आधार बनेगी परिवर्तन यात्रा

About The Author

Related Posts