Hanumangarh News: सुनील हत्याकांड में चार दोषियों को उम्रकैद, एडीजे कोर्ट-2 ने सुनाया फैसला

अपहरण के बाद हत्या कर शव नहर में फेंकने के सात साल पुराने मामले में कोर्ट का निर्णय

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Sunil Kidnapping-Murder Case: हनुमानगढ़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोर्ट-2 की न्यायाधीश लतिका दीपक पाराशर ने वर्ष 2019 के चर्चित सुनील अपहरण एवं हत्याकांड में शनिवार को चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला टाउन थाना क्षेत्र से संबंधित है। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुमन झोरड़ ने पैरवी की। Hanumangarh News

अभियोजन के अनुसार 3 जुलाई 2019 को अराईयांवाली के वार्ड नंबर 13 निवासी बद्रीप्रसाद (60) पुत्र जयमलराम जाट ने टाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2 जुलाई 2019 की रात वह अपने पुत्र सुनील कुमार और भांजे श्योपाल के साथ खेत में सिंचाई करने गए थे। रात करीब नौ बजे घर लौटते समय गांव के श्मशान घाट के सामने रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे सुभाष, मदन, मुकेश, रमेश, कालूराम तथा दो-तीन अन्य लोगों ने उनके पुत्र सुनील के साथ मारपीट शुरू कर दी।

परिवादी और उसके भांजे की ओर से विरोध करने के बावजूद आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और सुनील का जबरन अपहरण कर मोटर साइकिल पर ले गए। इसके बाद ग्रामीणों के साथ तलाश करने पर रास्ते में खून के निशान मिले, जिनका पीछा करते हुए सूरतगढ़ ब्रांच नहर के पास पहुंचने पर पता चला कि आरोपियों ने सुनील की हत्या कर उसका शव नहर में फेंक दिया। इस मामले में टाउन थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। Hanumangarh News

सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे कोर्ट-2 ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। न्यायालय ने सुभाष कुमार पुत्र बनवारी लाल निवासी अराईयांवाली, रमेश कुमार पुत्र दलवीर सिंह निवासी चक 22 एनडीआर, किशनपुरा दिखनादा, मदन नायक पुत्र पप्पूराम नायक निवासी चक 34 एनडीआर, अराईयांवाली तथा मुकेश कुमार पुत्र श्रवण कुमार निवासी अराईयांवाली को दोषी करार दिया।

न्यायालय ने चारों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 341 के तहत एक माह के साधारण कारावास एवं 500 रुपए जुर्माना, जुर्माना अदा नहीं करने पर सात दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। धारा 364 (अपहरण) के तहत आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपए जुर्माना तथा जुर्माना नहीं भरने पर तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास दिया गया। 

धारा 302/34 (साझा मंशा से हत्या) में भी आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपए जुर्माना तथा जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं धारा 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपए जुर्माना तथा जुर्माना नहीं भरने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया गया। Hanumangarh News

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