Farmers News: वार्ता का बुलावा नहीं आने से भड़के किसान, सर्किट हाउस के बाहर धरने पर बैठे

'इंकलाब-जिंदाबाद' व 'किसान एकता जिंदाबाद' के नारों से गूंजा परिसर

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हनुमानगढ़। राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी के हनुमानगढ़ दौरे के दौरान गुरुवार को सर्किट हाउस में उनसे मिलने पहुंचे किसान वार्ता का बुलावा नहीं मिलने से आक्रोशित हो गए। इसके विरोध में किसानों ने सर्किट हाउस के बाहर धरना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान परिसर 'किसान एकता जिंदाबाद' और 'इंकलाब-जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा। Hanumangarh News

भारतीय किसान यूनियन एवं अन्य किसान संगठनों के बैनर तले किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर आयोग अध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे। किसानों का कहना था कि वे किसान आयोग अध्यक्ष के समक्ष अटल भूजल योजना की डिग्गियों के लंबित अनुदान, एमएसपी पर खरीदे गए गेहूं के बकाया भुगतान, गेहूं खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच तथा धान की सरकारी खरीद शुरू करने सहित विभिन्न मुद्दे रखना चाहते हैं। हालांकि काफी देर तक इंतजार के बाद भी आयोग अध्यक्ष ने किसानों से मुलाकात नहीं की।

किसान प्रतिनिधियों के अनुसार प्रशासन ने बुधवार देर रात तक आश्वासन दिया था कि किसान आयोग अध्यक्ष के साथ उनकी वार्ता करवाई जाएगी। लेकिन गुरुवार सुबह सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि अध्यक्ष एक निजी संस्था में किसानों से संवाद करेंगे। इस पर किसान संगठनों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि वे किसी निजी संस्था में नहीं जाएंगे और सभी किसानों के साथ सर्किट हाउस या किसी सरकारी भवन में ही संवाद होना चाहिए। Hanumangarh News

इधर, आयोग अध्यक्ष के सर्किट हाउस से किसानों से मिले बिना रवाना होने की सूचना मिलते ही किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। बाद में किसान आयोग अध्यक्ष की ओर से प्रतिनिधियों को श्री खुशाल दास यूनिवर्सिटी में संवाद के लिए आमंत्रित किया गया, लेकिन किसान नेता रेशम सिंह माणुका और सुभाष मक्कासर के नेतृत्व में प्रतिनिधि सभी किसानों के साथ सामूहिक वार्ता की मांग पर अड़े रहे। भारतीय किसान यूनियन के सचिव रायसाहब चाहर ने आरोप लगाया कि अटल भूजल योजना के तहत किसानों से डिग्गियों का निर्माण तो करवा लिया गया, लेकिन पिछले दो वर्षांे से अनुदान राशि का भुगतान नहीं हुआ।

वहीं एमएसपी पर खरीदे गए गेहूं का भुगतान भी कई किसानों के खातों में अब तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि किसान केवल अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें लगातार इधर-उधर भेजा जा रहा है। चाहर ने कहा कि किसान आयोग अध्यक्ष स्पष्ट करें कि डिग्गी अनुदान और गेहूं का बकाया भुगतान कब और किस तारीख तक किया जाएगा। यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कलक्ट्रेट के गेट बंद कर व्यापक आंदोलन और सिस्टम जाम करने के लिए किसान मजबूर होंगे।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर रहा। एसडीएम मांगीलाल सुथार, डीएसपी मीनाक्षी सहारण तथा जंक्शन थाना प्रभारी रामचन्द्र कस्वां मौके पर पहुंचे और किसान प्रतिनिधियों से समझाइश कर वार्ता के लिए मनाने का प्रयास किया। हालांकि किसान अपनी मांगों पर डटे रहे और सर्किट हाउस के बाहर धरना जारी रखा। Hanumangarh News

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