स्कूटर-मोटरसाईकिल मैकेनिकों को अब लेना होगा ‘कम्प्यूटर’ का भी ‘ज्ञान’

 नए मॉडल के दोपहिया वाहनों के इंजनों में बड़े बदलाव से प्रभावित हो सकता है कारोबार

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संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)। Sangrur News: बदलते दौर में जहाँ नई-नई तकनीकों और आविष्कारों से लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, वहीं यही तकनीकी बदलाव बड़ी संख्या में लोगों के लिए नई चुनौतियाँ भी खड़ी कर रहे हैं। देशभर में दोपहिया वाहनों की तकनीक में आए बदलाव के बाद पंजाब में काम कर रहे लाखों स्कूटर और मोटरसाईकिल मैकेनिकों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं, जो आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं। नई तकनीक पारंपरिक मैकेनिकों के कामकाज को बड़े स्तर पर प्रभावित कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोटरसाईकिल बनाने वाली लगभग सभी कंपनियों ने वर्ष 2025 के बाद आने वाले नए मॉडलों की तकनीक में बड़ा बदलाव किया है।

नई मोटरसाईकिलों का इंजन पहले की तुलना में पूरी तरह अलग तकनीक पर आधारित है। पहले पेट्रोल की सप्लाई के लिए इंजन में काबोर्रेटर लगाया जाता था, लेकिन 2025 के बाद काबोर्रेटर की जगह सीधे फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम का उपयोग किया जाने लगा है, जिससे पेट्रोल सीधे इंजन तक पहुंचता है। पहले पेट्रोल काबोर्रेटर से होकर इंजन तक जाता था। नई तकनीक के बारे में दावा किया जा रहा है कि इससे मोटरसाइकिल कम प्रदूषण करेगी और धुएँ का उत्सर्जन भी कम होगा।

इस बदलाव का असर पंजाब के उन हजारों-लाखों मैकेनिकों की आजीविका पर पड़ रहा है, जो स्कूटर और मोटरसाईकिलों की मरम्मत कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों और कस्बों में दुकानें चलाने वाले ये मैकेनिक अब तक पुरानी तकनीक वाली मोटरसाईकिलों की मरम्मत करते रहे हैं, लेकिन वर्ष 2025 के बाद आने वाले मॉडलों की मरम्मत के लिए विशेष इलेक्ट्रॉनिक डायग्नोस्टिक मशीन और लैपटॉप आधारित उपकरणों की आवश्यकता होती है। इन उपकरणों से वाहन के किसी भी हिस्से में आई खराबी का पता लगाया जाता है। इन्हें चलाने के लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत होती है, जबकि इनकी कीमत भी काफी अधिक है, जिसे खरीदना अधिकांश मैकेनिकों के लिए आसान नहीं है।

इस संबंध में बातचीत करते हुए संगरूर के मोटरसाईकिल और स्कूटर मैकेनिक दारा सिंह ने बताया कि अब मैकेनिकों को इंजीनियर बनना पड़ेगा, क्योंकि मोटरसाईकिलों की तकनीक में बड़े बदलाव आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि नए मॉडल के वाहनों की मरम्मत के लिए महंगी इलेक्ट्रॉनिक मशीनें खरीदनी पड़ेंगी, जिनकी कीमत लाखों रुपये में है। उनका कहना था कि फिलहाल अधिकांश मैकेनिक केवल वर्ष 2025 से पहले के मॉडलों की मरम्मत तक ही सीमित रह गए हैं और आने वाले समय में उनके काम का दायरा और भी सीमित हो सकता है।

2025 के बाद मोटरसाइकिलों के इंजनों में बड़े पैमाने पर हुए तकनीकी बदलाव: कृष्ण सिंह 
दोपहिया वाहनों की एक एजेंसी संचालक कृष्ण सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 के बाद मोटरसाईकिलों के इंजनों में बड़े पैमाने पर तकनीकी बदलाव हुए हैं और अब नए मॉडलों की मरम्मत सामान्य मैकेनिकों के लिए संभव नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मैकेनिक गांवों में दुकानें चलाते हैं और मरम्मत का काम ही उनकी आय का मुख्य स्रोत है। भविष्य में नई मोटरसाईकिलों की मरम्मत का काम केवल अधिकृत कंपनियों की एजेंसियों तक ही सीमित होने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी वाहन निर्माता कंपनियाँ अब तेजी से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। कई कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में आ चुके हैं और उनकी माँग लगातार बढ़ रही है।

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