Stray Animals News: वार्ड 9 बना खुली गोशाला, निराश्रित पशुओं से परेशान लोग, कलक्ट्रेट में बांधने की चेतावनी
बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर रहे अभिभावक, पार्षद बोले-गोवंश को गोशाला-नंदीशाला में भिजवाए प्रशासन
हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। जंक्शन के वार्ड नंबर नौ में निराश्रित पशुओं की समस्या से परेशान वार्डवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद प्रशासन की ओर से समाधान नहीं किए जाने से नाराज वार्ड पार्षद और वार्डवासियों ने अब निराश्रित पशुओं को एकत्रित कर जिला कलक्ट्रेट परिसर और नगर परिषद कार्यालय में छोड़ने की चेतावनी दी है। वार्डवासियों का कहना है कि वार्ड में जगह-जगह निराश्रित पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आमजन का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वार्डवासी आकाश नायक ने बताया कि प्रशासन ने उनके वार्ड को खुली गोशाला बना दिया है। वार्ड में हर जगह निराश्रित पशु घूमते नजर आते हैं। हालात ऐसे हैं कि वार्ड में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में आने से भी बच्चे कतराते हैं। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी परेशानी होती है। अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय सुरक्षा के लिए डंडा साथ लेकर जाना पड़ता है। निराश्रित पशुओं के कारण वार्डवासियों में हमेशा अनहोनी का डर बना रहता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में कई बार लिखित और मौखिक रूप से प्रशासन को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि वार्ड में अन्य विकास कार्य भले ही नहीं हुए हों, लेकिन निराश्रित पशुओं के जमावड़े ने पूरे वार्ड को खुली गोशाला में तब्दील कर दिया है।
आकाश नायक ने गोशालाओं और नंदीशालाओं को मिलने वाली अनुदान राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि अनुदान राशि का सही तरीके से उपयोग किया जाता तो शहर के बुजुर्गों में इस तरह निराश्रित पशु सड़कों पर घूमते नहीं मिलते। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द समस्या का समाधान नहीं किया तो वार्डवासी वार्ड नंबर नौ में घूम रहे सभी निराश्रित पशुओं को एकत्रित कर जिला कलक्ट्रेट परिसर में बांध देंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सात अक्टूबर के शिविर में भी उठाया था मुद्दा
वार्ड नंबर नौ से भाजपा के नवनिर्वाचित पार्षद मनप्रीत सिंह सैनी ने बताया कि सात अक्टूबर को वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित शिविर में भी स्वच्छता निरीक्षक को निराश्रित पशुओं की समस्या से अवगत करवाया गया था। इसके बाद भी कई बार मौखिक रूप से नगर परिषद प्रशासन को समस्या के बारे में बताया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि गत दिनों निराश्रित पशुओं की आपसी लड़ाई के कारण एक दूध डेयरी पर काफी नुकसान हुआ था।
इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। शुक्रवार को भी नगर परिषद प्रशासन को लिखित में शिकायत देकर निराश्रित पशुओं से निजात दिलाने की मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पार्षद मनप्रीत सिंह सैनी ने चेतावनी दी कि यदि वार्ड में घूम रहे निराश्रित गोवंश को जल्द किसी गोशाला या नंदीशाला में स्थानांतरित नहीं करवाया गया तो वार्डवासी पशुओं को पकड़कर नगर परिषद कार्यालय में छोड़ देंगे।